CG News: तहसीलदार सस्पेंड, CM हेल्पलाइन 1076 पर 2.31 लाख शिकायतें, 88.85 फीसदी का निराकरण

रायपुर. छत्तीसगढ़ में आम लोगों की समस्याओं के समाधान के लिए शुरू की गई CM Helpline 1076 पर अब तक 2 लाख 31 हजार 850 शिकायतें दर्ज की गई हैं.
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रायपुर. छत्तीसगढ़ में आम लोगों की समस्याओं के समाधान के लिए शुरू की गई CM Helpline 1076 पर अब तक 2 लाख 31 हजार 850 शिकायतें दर्ज की गई हैं. इनमें से 2 लाख 5 हजार 996 शिकायतों का निराकरण किया जा चुका है. यानी कुल शिकायतों में से 88.85 प्रतिशत का समाधान हो चुका है, जबकि 25 हजार 854 शिकायतें लंबित हैं. 

 9 जून से 15 अक्टूबर 2026 तक के आंकड़ों की समीक्षा करते हुए मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने शुरुआती परिणामों को उत्साहजनक बताया. उन्होंने स्पष्ट किया कि शिकायतों का निराकरण केवल आंकड़ों तक सीमित नहीं रहना चाहिए, बल्कि संबंधित नागरिक को वास्तविक राहत मिलना जरूरी है.

मुख्यमंत्री शुक्रवार को नवा रायपुर स्थित सीबीडी भवन में संचालित CM Helpline कार्यालय पहुंचे और व्यवस्था की समीक्षा की. इस दौरान उन्होंने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से सभी जिलों के कलेक्टरों से शिकायतों की स्थिति जानी. मुख्यमंत्री ने विभिन्न जिलों के शिकायतकर्ताओं से सीधे बातचीत कर यह भी पूछा कि उनकी समस्याओं का समाधान हुआ है या नहीं. नागरिकों ने अपने अनुभव साझा करते हुए निराकरण पर संतुष्टि जताई. समीक्षा के दौरान शिकायतों के निराकरण में गंभीर लापरवाही बरतने वाले तहसीलदार प्रमोद कुमार चंद्रवंशी को निलंबित कर दिया गया है. वे कबीरधाम जिले के पिपरिया में पदस्थ थे.

ट्रांसफॉर्मर बदला, 80 से 85 परिवारों को मिली राहत

गरियाबंद जिले के मैनपुर क्षेत्र के निवासी दमन साहू ने मुख्यमंत्री को बताया कि उनके गांव का ट्रांसफॉर्मर खराब होने से बिजली आपूर्ति बाधित हो गई थी. इससे करीब 80 से 85 परिवार प्रभावित थे. स्थानीय स्तर पर समस्या दूर नहीं होने पर उन्होंने हेल्पलाइन पर शिकायत दर्ज कराई. शिकायत के लगभग एक सप्ताह के भीतर नया ट्रांसफॉर्मर लगा दिया गया और बिजली आपूर्ति बहाल हो गई.

मुख्यमंत्री ने कहा कि बिजली और पानी जैसी बुनियादी सुविधाओं से जुड़ी शिकायतों का प्राथमिकता से निराकरण किया जाना चाहिए. एक शिकायत का समय पर समाधान कई परिवारों को राहत दे सकता है.

10 दिन में मिली आवास की दूसरी किस्त

जशपुर जिले के बगीचा विकासखंड निवासी वीरेंद्र यादव ने प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत दूसरी किस्त मिलने में देरी की शिकायत दर्ज कराई थी. राशि नहीं मिलने के कारण उनके मकान का निर्माण प्रभावित हो रहा था. हेल्पलाइन पर शिकायत करने के करीब दस दिनों के भीतर उनके बैंक खाते में 55 हजार रुपये की दूसरी किस्त पहुंच गई. इससे उन्हें आवास निर्माण आगे बढ़ाने में मदद मिली.

मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि पात्र हितग्राहियों को आवास योजना की किस्त समय पर उपलब्ध कराई जाए, ताकि निर्माण कार्य बाधित न हो.

नौ महीने से बंद पेंशन फिर शुरू

मुंगेली जिले के ग्राम करही निवासी तोरण साहू ने अपनी माताजी की पेंशन करीब नौ महीने से बंद होने की शिकायत दर्ज कराई थी. शिकायत मिलने के बाद संबंधित विभाग ने जांच कर आवश्यक कार्रवाई की. इसके बाद पेंशन दोबारा शुरू हुई और लंबित राशि का भी भुगतान किया गया.

 मुख्यमंत्री ने कहा कि सामाजिक सुरक्षा पेंशन जरूरतमंद परिवारों, वृद्धजनों, विधवा महिलाओं और दिव्यांगजनों के लिए महत्वपूर्ण आर्थिक सहारा है. पात्र लोगों को अपनी पेंशन के लिए परेशान नहीं होना पड़े, यह प्रशासन की जिम्मेदारी है.

रोजाना 1500 से 2000 शिकायतें

समीक्षा बैठक में बताया गया कि हेल्पलाइन पर प्रतिदिन औसतन 1500 से 2000 शिकायतें प्राप्त हो रही हैं. मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि शिकायतों के निराकरण की गुणवत्ता पर विशेष ध्यान दिया जाए. शिकायत बंद करने से पहले यह सुनिश्चित किया जाए कि संबंधित व्यक्ति की समस्या वास्तव में दूर हो गई है. इसके लिए शिकायतकर्ताओं से फीडबैक लेने की प्रक्रिया को प्रभावी बनाने पर जोर दिया गया.

उन्होंने कहा कि किसी अधिकारी के लिए कोई प्रकरण सामान्य हो सकता है, लेकिन संबंधित नागरिक के लिए वही समस्या बड़ी परेशानी बन सकती है. राशन कार्ड, पेंशन, बिजली, पेयजल, आवास की किस्त और राजस्व संबंधी मामलों में देरी से आम लोगों को लंबे समय तक दिक्कतों का सामना करना पड़ता है.

बार-बार आने वाली शिकायतों के कारण तलाशें

मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को शिकायतों के आंकड़ों का विभागवार और जिलावार विश्लेषण करने के निर्देश दिए. उन्होंने कहा कि यदि किसी विभाग, योजना या सेवा से संबंधित एक जैसी शिकायतें बार-बार आ रही हैं, तो उनके मूल कारणों की पहचान कर व्यवस्था में सुधार किया जाए. हेल्पलाइन को केवल शिकायत दर्ज करने का माध्यम नहीं, बल्कि नागरिक सेवाओं की कमियों को पहचानने और प्रशासन की जवाबदेही सुनिश्चित करने का जरिया बनाया जाए.

मुख्यमंत्री ने अच्छा काम करने वाले अधिकारियों और कर्मचारियों की सराहना करते हुए कहा कि शिकायतों के निराकरण में अनावश्यक देरी या लापरवाही होने पर जवाबदेही भी तय की जानी चाहिए.

दूरस्थ क्षेत्रों तक पहुंचाई जाएगी हेल्पलाइन की जानकारी

मुख्यमंत्री ने विशेष रूप से बस्तर संभाग सहित दूरस्थ और वनांचल क्षेत्रों में CM Helpline 1076 का व्यापक प्रचार-प्रसार करने के निर्देश दिए. इसके लिए ग्राम पंचायतों, उचित मूल्य दुकानों और कॉमन सर्विस सेंटरों में दीवार लेखन सहित अन्य माध्यमों का उपयोग किया जाएगा, ताकि अधिक से अधिक नागरिक इस सुविधा का लाभ उठा सकें.

उन्होंने कहा कि हेल्पलाइन पर शिकायत दर्ज करने से लेकर संबंधित विभाग तक पहुंचाने, समय-सीमा में निराकरण और फीडबैक लेने की पूरी प्रक्रिया सरल और प्रभावी होनी चाहिए. जनता का विश्वास ही सुशासन की सबसे बड़ी उपलब्धि है और इसे बनाए रखना सभी की सामूहिक जिम्मेदारी है.

 समीक्षा बैठक में मुख्य सचिव विकास शील, मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव सुबोध कुमार सिंह, सचिव राहुल भगत, विशेष सचिव रजत बंसल सहित विभिन्न विभागों के सचिव और सभी जिलों के कलेक्टर वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से शामिल हुए.

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