CG News: छत्तीसगढ़ में लगेगी मंत्रियों की ‘क्लास’, मैनेजमेंट के सिखाए जाएंगे गुर, कांग्रेस ने साधा निशाना
छत्तीसगढ़ में लगेगी मंत्रियों की 'क्लास'
CG News: छत्तीसगढ़ में एक बार फिर मंत्रियों की क्लास लगने जा रही है. जुलाई के पहले या दूसरे सप्ताह में नवा रायपुर स्थित आईआईएम में साय सरकार के मंत्रियों का प्रशिक्षण शिविर आयोजित होगा. सरकार इसे सुशासन और बेहतर प्रशासन की दिशा में जरूरी कदम बता रही है, लेकिन कैबिनेट विस्तार और फेरबदल की चर्चाओं के बीच इस ट्रेनिंग पर सियासत भी तेज हो गई है. कांग्रेस इसे सरकार की नाकामी छिपाने की कवायद बता रही है. जबकि सरकार का दावा है ट्रेनिंग से सरकार का कामकाज और प्रभावी होगा.
छत्तीसगढ़ में लगेगी मंत्रियों की ‘क्लास’
इस प्रशिक्षण शिविर में साय सरकार के सभी मंत्री शामिल होंगे. मैनेजमेंट और प्रशासनिक विषयों के विशेषज्ञ मंत्रियों को नेतृत्व क्षमता, निर्णय प्रक्रिया, जनसंपर्क, संसाधन प्रबंधन और प्रभावी प्रशासन जैसे विषयों पर प्रशिक्षण देंगे. इससे पहले भी सरकार के मंत्रियों की ट्रेनिंग आईआईएम में हो चुकी है. सरकार का मानना है कि बदलते समय में शासन व्यवस्था को अधिक प्रभावी बनाने जनप्रतिनिधियों का नियमित प्रशिक्षण जरूरी है.
प्रशिक्षण को लेकर सियासत शुरु
इससे न केवल प्रशासनिक दक्षता बढ़ेगी.बल्कि जनता की अपेक्षाओं को बेहतर ढंग से समझने और उन पर काम करने में भी मदद मिलेगी. लेकिन मंत्रियों की इस क्लास को लेकर सियासत भी शुरू हो गई है. दरअसल यह ट्रेनिंग ऐसे समय में होने जा रही है. जब प्रदेश की राजनीति में कैबिनेट फेरबदल और कुछ मंत्रियों के प्रदर्शन को लेकर चर्चाएं लगातार जारी हैं.
दीपक बैज ने सरकार पर कसा तंज
ऐसे में विपक्ष इसे सरकार के भीतर की कमजोरियों से जोड़कर देख रहा है.जबकि सरकार इसे नियमित प्रशासनिक प्रक्रिया बता रही है. प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज ने सरकार पर तंज कसते हुए कहा प्रदेश के मंत्री जनता की समस्याओं के समाधान के बजाय सिर्फ पैसा कमाने में व्यस्त हैं. कांग्रेस का कहना है कि ट्रेनिंग कराने से पहले सरकार को अपनी नाकामियों के लिए जनता से माफी मांगनी चाहिए.
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कैसा होगा असर?
छत्तीसगढ़ में मंत्रियों की ट्रेनिंग के बीच सवाल यह है. क्या आईआईएम की यह ट्रेनिंग मंत्रियों की कार्यशैली में नया बदलाव ला पाएगी या फिर यह राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप का एक और मुद्दा बनकर रह जाएगी. फिलहाल ट्रेनिंग से ज्यादा इसकी टाइमिंग राजनीतिक गलियारों में चर्चा का विषय बनी हुई है.