IGKV पेपरलीक मामला, CM विष्णुदेव साय का रिएक्शन, बोले- दोषियों को बख्शा नहीं जाएगा, परीक्षा गड़बड़ी पर जीरो टॉलरेंस नीति
सीएम विष्णुदेव साय
IGKV Paper Leak Case: इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय (IGKV) के पेपर लीक मामले में मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय का रिएक्शन सामने आया है. उन्होंने कहा है कि जांच में दोषी पाए गए किसी भी शख्स को बख्शा नहीं जाएगा. परीक्षाओं की शुचिता से कोई समझौता नहीं किया जाएगा. उन्होंने आगे कहा कि गड़बड़ी पर कठोर कार्रवाई की जाएगी. प्रश्नपत्र कहां से और कैसे हुआ प्रसारित, इसकी बारीकी से जांच की जाएगी? इस मामले की तह तक जांच की जाएगी. परीक्षाओं में गड़बड़ी पर जीरो टॉलरेंस की नीति को अपनाया जाएगा.
कृषि मंत्री का क्या कहना है?
कृषि मंत्री रामविचार नेताम का कहना है कि छात्रों की भविष्य से किसी भी प्रकार समझौता नहीं किया जाएगा. परीक्षा में निष्पक्षता बरती जाएगी. उन्होंने आगे कहा कि पेपर लीक जैसी घटना गंभीर है. जांच में जो भी व्यक्ति दोषी पाया जाएगा, उसके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी. हमारे लिए स्टूडेंट्स का हित सबसे ऊपर है. निरस्त किए गए एग्जाम को जल्द कराया जाएगा. अभ्यर्थियों को इसकी सूचना समय पर दी जाएगी.
क्या है पूरा मामला?
रायपुर स्थित इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय में बीएससी एग्रीकल्चर द्वितीय वर्ष की एंटोमोलॉजी विषय का पेपर होना था. आरोप है कि एग्जाम के शुरू होने से लगभग दो घंटे पहले ही प्रश्नपत्र की तस्वीरें व्हाट्सएप पर शेयर कर दी गईं. यूनिवर्सिटी प्रबंधन को जब इस बारे में जानकारी मिली तो उन्होंने परीक्षा को रद्द कर दिया.
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परीक्षा की गोपनीयता पर उठे सवाल
पेपर लीक होने के बाद गोपनीयता और व्यवस्था पर सवाल उठे हैं. शुरुआती जांच में सामने आया है कि पेपर फॉरवर्ड होकर विद्यार्थियों तक पहुंचा था. विश्वविद्यालय प्रबंधन का कहना है कि जल्द ही दोबारा परीक्षा कराई जाएगी. पेपर लीक की जांच साइबर सेल को सौंप दी गई है. आरोपियों और सोर्स तक पहुंचने के लिए साइबर को खंगाला जा रहा है.