Dhamtari: गंगरेल बांध में मिली भगवान नेमीनाथ की 37 साल पुरानी मूर्ति
भगवान नेमीनाथ की 37 साल पुरानी मूर्ति
अभिषेक मिश्रा (धमतरी)
Dhamtari: धमतरी जिले के गंगरेल बांध के बोटिंग स्थल के पास भगवान नेमीनाथ की मूर्ति मिली है. मूर्ति मिलने की सूचना के बाद जैन समाज के लोग मौके पर पहुंचे और विधि-विधान के साथ प्रतिमा को इतवारी बाजार स्थित श्री पार्श्वनाथ जैन स्वेताम्बर मंदिर में सुरक्षित रख लिया.
गंगरेल बांध में मिली भगवान नेमीनाथ की मूर्ति
समाज के मुताबिक, यह प्रतिमा करीब 37 साल पुरानी बताई जा रही है. जैन समाज के अनुसार मिली प्रतिमा करीब 11 इंच की है और इसका निर्माण राजस्थान के जयपुर में हुआ है. समाज का मानना है कि किसी अज्ञात व्यक्ति द्वारा प्रतिमा को यहां लाकर छोड़ा गया होगा. हालांकि प्रतिमा गंगरेल बांध तक कैसे पहुंची, इसे लेकर अभी स्थिति स्पष्ट नहीं है.
जैन समाज ने मूर्ति को रखा सुरक्षित
जैन समाज ने बताया कि प्रतिमा को फिलहाल करीब दो महीने तक सुरक्षित रखा जाएगा. इस दौरान यदि कोई व्यक्ति प्रतिमा के संबंध में उचित पहचान या दावा लेकर सामने नहीं आता है, तो इसे गुजरात के पालीताना स्थित तीर्थ भंडार में जमा कराया जाएगा. समाज के लोगों के मुताबिक जैन परंपरा में पुरानी अथवा विसर्जन योग्य प्रतिमाओं को पालीताना क्षेत्र में ले जाकर धार्मिक प्रक्रिया के तहत विसर्जित किया जाता है. इसी परंपरा के तहत संतयोजय नदी, पालीताना ले जाने की भी बात समाज की ओर से कही गई है.
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गंगरेल बांध जैसे पर्यटन स्थल पर भगवान नेमीनाथ की प्रतिमा मिलने के बाद अब इसे लेकर लोगों में भी चर्चा है. जैन समाज ने प्रतिमा को सुरक्षित रखने के साथ ही पूरे मामले की जानकारी संबंधित पुलिस को भी दी है. पुलिस जांच के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि 11 इंच की यह प्रतिमा गंगरेल बांध तक किस तरह पहुंची.