62 करोड़ का सोना पकड़ाने के बाद एक्टिव हुई टीमें, Chhattisgarh के रास्ते कोलकाता-मुंबई रेल मार्ग बना सोना तस्करी का नया गलियारा

रायपुर. त्योहारों के दौरान सोने की बढ़ती मांग के बीच तस्करों ने अब रेल मार्गों को तस्करी का नया जरिया बना लिया है. राजस्व खुफिया निदेशालय (DRI) की हालिया कार्रवाई में छत्तीसगढ़, महाराष्ट्र होते हुए कोलकाता से मुंबई मार्ग में ट्रेनों के जरिए विदेशी सोने की तस्करी किए जाने का खुलासा हुआ है.
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रायपुर. त्योहारों के दौरान सोने की बढ़ती मांग के बीच तस्करों ने अब रेल मार्गों को तस्करी का नया जरिया बना लिया है. राजस्व खुफिया निदेशालय (DRI) की हालिया कार्रवाई में छत्तीसगढ़, महाराष्ट्र होते हुए कोलकाता से मुंबई मार्ग में ट्रेनों के जरिए विदेशी सोने की तस्करी किए जाने का खुलासा हुआ है.

जांच एजेंसी ने देश के विभिन्न हिस्सों में कार्रवाई करते हुए 41 किलो विदेशी मूल का सोना जब्त किया है, जिसकी अनुमानित बाजार कीमत करीब 62 करोड़ रुपये बताई गई है. इस मामले में तीन विदेशी नागरिकों समेत 24 लोगों को अरेस्ट किया गया है. खुलासे के बाद रेलवे सुरक्षा एजेंसियां सतर्क हो गई हैं और प्रमुख स्टेशनों के साथ लंबी दूरी की ट्रेनों में जांच बढ़ा दी गई है.

हवाई मार्ग की सख्ती के बाद ट्रेनों का इस्तेमाल

खुफिया एजेंसियों के मुताबिक, हवाई अड्डों पर कड़ी निगरानी और जांच से बचने के लिए तस्करी से जुड़े गिरोह लंबी दूरी की यात्री और एक्सप्रेस ट्रेनों का इस्तेमाल कर रहे हैं. कोलकाता और हावड़ा को सोने की तस्करी के प्रमुख पारगमन केंद्र के रूप में देखा जा रहा है. यहां से विदेशी मूल के सोने को मुंबई सहित दूसरे बड़े बाजारों तक पहुंचाने का नेटवर्क सक्रिय होने की जानकारी सामने आई है.

जांच में यह भी सामने आया है कि तस्करी के सोने को छोटे-छोटे टुकड़ों में बांटने और उसका स्वरूप बदलने जैसी तरकीबें अपनाई जाती हैं, ताकि सामान्य तलाशी के दौरान उसे पहचानना मुश्किल हो. तस्कर आम यात्रियों की तरह सफर करते हैं और अपनी पहचान छिपाने के लिए अलग-अलग नामों का इस्तेमाल भी करते हैं.

हावड़ा स्टेशन पर संदिग्ध यात्री से खुला मामला

पश्चिम बंगाल के हावड़ा रेलवे स्टेशन पर DRI की एक विशेष कार्रवाई के दौरान एक संदिग्ध यात्री को पकड़ा गया. जांच में पता चला कि वह कथित तौर पर अपनी पहचान और नाम बदलकर यात्रा कर रहा था. पूछताछ के दौरान बांग्लादेश सीमा से अवैध रूप से लाए गए सोने को पहले कोलकाता पहुंचाने और फिर रेल मार्ग से मुंबई भेजने की जानकारी सामने आई.

इस खुलासे के बाद रेलवे स्टेशनों और ट्रेनों में संदिग्ध यात्रियों की गतिविधियों पर निगरानी बढ़ाई गई है. हालांकि, तस्करी के पूरे नेटवर्क और इसमें शामिल अन्य लोगों की भूमिका को लेकर जांच एजेंसियों की कार्रवाई महत्वपूर्ण मानी जा रही है.

दिवाली तक GRP-RPF की विशेष निगरानी

धनतेरस और दिवाली पर सोने की खरीदारी को शुभ माना जाता है. इस दौरान आभूषण बाजार में मांग बढ़ने के साथ सोने की तस्करी से जुड़े गिरोह भी सक्रिय हो जाते हैं. इसी को देखते हुए रेलवे सुरक्षा बल (आरपीएफ), राजकीय रेलवे पुलिस (जीआरपी), RPF और अन्य संबंधित एजेंसियां अतिरिक्त सतर्कता बरत रही हैं.

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