Nirmal Kosare: भूपेश बघेल के करीबी निर्मल कोसरे को हाईकमान ने दिया बड़ा पद, बने SC विभाग के प्रदेश अध्यक्ष

Nirmal Kosare: कांग्रेस ने बड़ा संगठनात्मक फेरबदल किया है. भिलाई-चरोदा महापौर और भूपेश बघेल के करीबी निर्मल कोसरे को छत्तीसगढ़ कांग्रेस अनुसूचित जाति विभाग का अध्यक्ष बनाया गया है. सतनामी समाज से आने वाले कोसरे की नियुक्ति को 2026 निकाय चुनाव से पहले SC वोटबैंक साधने के दांव के तौर पर देखा जा रहा है.
Nirmal kosre

निर्मल कोसरे

Nirmal Kosare: रायपुर: छत्तीसगढ़ कांग्रेस में बड़े संगठनात्मक फेरबदल की खबर सामने आ रही है. दरअसल भिलाई-चरोदा नगर निगम के महापौर निर्मल कोसरे को छत्तीसगढ़ कांग्रेस के अनुसूचित जाति विभाग का प्रदेश अध्यक्ष बना दिया गया है. इस संबंध में मंगलवार देर रात केंद्रीय नेतृत्व की सहमति के बाद नियुक्ति पत्र जारी किया गया है.

भूपेश बघेल के करीबी माने जाते हैं कोसरे

बताते चलें निर्मल कोसरे सतनामी समाज के बड़े नेता है. यही नहीं कोसरे पूर्व सीएम भूपेश बघेल के बेहद करीबी माने जाते हैं. वे 1998 से कांग्रेस में सक्रिय कोसरे MSC की डिग्री ले चुके हैं और दुर्ग जिला कांग्रेस कमेटी ग्रामीण के अध्यक्ष भी रह चुके हैं. 2023 के विधानसभा चुनाव में कांग्रेस ने उन्हें अहिवारा सीट से प्रत्याशी भी बनाया था, हालांकि उन्हें हार का सामना करना पड़ा था.

कोसरे ने ही 20 साल बाद भिलाई-चरोदा नगर निगम में कांग्रेस की वापसी कराई थी. उस चुनाव में तत्कालीन सीएम भूपेश बघेल और मंत्री गुरु रुद्र कुमार ने पूरी ताकत झोंक दी थी, जिसके बाद कोसरे ने महापौर पद पर जीत हासिल की थी. कांग्रेस के इस फैसले को 2026 के नगरीय निकाय चुनाव से पहले सतनामी समाज और SC वोटबैंक को साधने के बड़े दांव के तौर पर देखा जा रहा है.

AICC ने जारी किया आदेश

कांग्रेस के राष्ट्रीय महासचिव केसी वेणुगोपाल ने यह आदेश जारी किया है. कोसरे के साथ-साथ झारखंड अनुसूचित जाति विभाग के अध्यक्ष के तौर पर प्रशांत किशोर को नियुक्ति किया गया है. कांग्रेस के इस फैसले को 2026 के नगरीय निकाय चुनाव से पहले सतनामी समाज और SC वोटबैंक को साधने के बड़े दांव के तौर पर देखा जा रहा है. प्रदेश में सतनामी समाज की बड़ी आबादी है, ऐसे में कोसरे की नियुक्ति से कांग्रेस को इसका सीधा फायदा मिलने की उम्मीद है.

ये भी पढे़ंः सागर में जहरीली शराब से कितनी मौतें? मंत्री ने बताए 19 मृतकों के नाम, पटवारी का 50 मौतों का दावा, आंकड़ों पर सियासत!

ज़रूर पढ़ें