Vistaar Health Conclave: CM हाउस में सभी मंत्रियों को अचानक क्यों बुलाया गया? उप मुख्यमंत्री अरुण साव ने बताई असली वजह

अरुण साव ने कहा कि धर्मांतरण किसी जाति या क्षेत्र तक सीमित नहीं है. ये व्यापाक रूप से फैला हुआ है. इसलिए हमारी सरकार कठोर कानून लेकर आई है. सरकार लगातार कार्रवाई कर रही है. कार्रवाई के कारण लोगों को दिखा कि धर्मांतरण का कुचक्र चल रहा है.
Deputy CM Arun Saw.

डिप्टी सीएम अरुण साव.

Vistaar Health Conclave: छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में विस्तार न्यूज़ ने हेल्थ कॉन्क्लेव का आयोजन किया है. कोर्टयार्ड बाय मैरियट होटल में आयोजित कार्यक्रम में डिप्टी सीएम अरुण साव ने हेल्थ सेक्टर से जुड़े कई मुद्दों पर चर्चा की. साथ ही छत्तीसगढ़ से लेकर देश की राजनीति पर भी उन्होंने खुलकर बात की.

अरुण साव ने कहा कि कोरोना काल के दौरान हमने देखा लोगों के पास पैसे हैं लेकिन दवाई नहीं है. सबसे बड़ी पूंजी हेल्थ है. दिनचर्या अगर सही कर लें तो हमारी समस्या सही हो जाएगी. प्रकृति के विपरीत जीने के बजाय हमको प्रकृति के साथ जीना चाहिए. ये आपके जीवन में सभी सपनों को साकार करने के लिए अच्छा स्वास्थ्य जरूरी है. इसके लिए विस्तार न्यूज़ की टीम को बधाई.

सवाल: अरुण साव को ठेकेदारों पर गुस्सा क्यों आया?

जवाब: मैं सामान्य रूप से गुस्सा नहीं करता हूं. कोशिश करता हूं कि गुस्सा ना करना पड़ा. कभी-कभी आवाज तेज हो जाती है. मेरी कोशिश रहती है कि लोगों को प्रेरित करके उनसे काम करवाया जाए.

हमारे यहां ठेकेदार काम ले लेते हैं. लेकिन समय पर काम नहीं पूरा करते हैं. अधिकारी नोटिस पर नोटिस देते हैं, लेकिन काम फिर भी नहीं होता है. सरकार में समय पर काम करने पर बोनस का प्रावधान है. अगर कोई समस्या आ रही है तो उसे दूर करें. समय पर काम हो और क्वालिटी का काम हो. काम की कमी नहीं है. एक काम छोड़ें दूसरा, फिर तीसरा काम करें.

सवाल: अचानक सभी मंत्रियों को CM हाउस क्यों बुलाया गया?

जवाब: हम लोग समय-समय पर चर्चा करते हैं. कभी काम को लेकर, कभी पार्टी को लेकर चर्चा होती रहती है. कभी ये चर्चा पार्टी कार्यालय पर होती है, कभी सीएम हाउस में हो जाती है. इसमें पार्टी के कामकाज से लेकर विभागों तक सभी तरह की बातें होती हैं. किस विभाग में क्या परिस्थितियां हैं. इसको लेकर चर्चा होती है. इस बार इस मीटिंग के बारें बहुत ज्यादा चर्चा इसलिए हो रही है, क्योंकि ये मीटिंग एकाएक हो गई. मुख्यमंत्री कहीं जाने वाले थे. इसलिए मीडिया को मौका मिल गया.

इस मीटिंग में एक परिवार की तरह चर्चा की गई. जैसे एक परिवार में चर्चा होती है. अगर कहीं चूक हुई तो उसपर बात होती है. समझाइश दी जाती है. हालांकि डिप्टी सीएम ने कहा कि मीटिंग में किसी को भी फटकार नहीं लगाई गई.

सवाल: मंत्रिमंडल की बैठक में सभी सीरियस ही रहते हैं?

जवाब: वैसे तो कैबिनेट बैठक में गंभीर मुद्दों पर चर्चा होती है, इसलिए अधिकतर माहौल गंभीर रहता है. लेकिन बीच-बीच में थोड़ा हंसी मजाक हो जाता है और होना भी चाहिए. लेकिन विषयों का चिंतन करना जरूरी है. मुद्दों पर चर्चा गंभीरता से की जाती है.

सवाल: आदिवासियों के बाद सबसे ज्यादा साहू समाज का धर्मांतरण क्यों?

जवाब: धर्मांतरण किसी जाति या क्षेत्र तक सीमित नहीं है. ये व्यापाक रूप से फैला हुआ है. इसलिए हमारी सरकार कठोर कानून लेकर आई है. सरकार लगातार कार्रवाई कर रही है. कार्रवाई के कारण लोगों को दिखा कि धर्मांतरण का कुचक्र चल रहा है. कोई भी जाति धर्मांतरण से अछूता नहीं है. साहू समाज ने भी इस पर चिंता जाहिर की है. निश्चित रूप से सरकार के साथ ही समाज को भी इसके लिए आगे आना चाहिए.

सवाल: बस्तर में जिन्हें सुरक्षा दी गई, क्या अब वापस होगी?

जवाब: जिस तरह डॉक्टर दवाई देता है, फिर प्रिकॉशन देता है. गंभीर बीमारी के इलाज होने के बावजूद एक महीने की सतर्कता की सलाह देता है. उसी तरह बक्सर में है, धीरे-धीरे स्थिति सामान्य हो जाएगी. पीएम मोदी, गृहमंत्री अमित शाह के कारण छत्तीसगढ़ में नक्सल उन्मूलन का काम किया गया है. ये आने वाले समय में मील का पत्थर साबित होगा. ये छत्तीसगढ़ में विकास की नींव रखेगा. छ्त्तीसगढ़ में पर्यटन का बड़ा स्कोप है. जिसको लेकर सरकार तेजी से काम कर रही है.

सवाल: अगर स्वास्थ्य मंत्री बने तो क्या परिवर्तन करेंगे?

जवाब: हेल्थ सेक्टर में आमूल चूल परिवर्तन आया है. छ्त्तीसगढ़ सरकार भी केंद्र सरकार के नक्शेकदम पर चलकर सस्ती और अच्छी स्वास्थ्य सुविधाएं मुहैया करवा रही है. हम संतोषजनक स्थिति में नहीं है. अभी बहुत कुछ किया जाना बाकी है. हमारे स्वास्थ्य मंत्री खूब मेहनत कर रहे हैं. जब बस्तर नक्सल मुक्त हुआ तो सभी लोगों के स्वास्थ्य परीक्षण का टास्क लिया गया. हर एक व्यक्ति के लिए स्वास्थ्य की जांच तय की गई. हमारी कोशिश है कि कोई भी व्यक्ति छूटने ना पाए. नक्सलवाद के कारण यहां कोई भी स्वास्थ्य सुविधा नहीं पहुंच सकी थी.

ढाई साल में हमने कई काम स्वीकृत किए. अब उन कामों को तेज गति से करने की जरूरत है. मैंने बस्तर का चार दिन का दौरा किया. 5 जिलों में गया. काम को देखा अधिकारयों की बैठक की. किसी काम में अनदेखी हो जाती है. तो फील्ड में जाकर उसे सही किया जाता है. इसलिए मैं लगातार फील्ड पर जा रहा हूं. फील्ड पर जाने पर सीखने का भी मौका मिलता है. मैं सामान्य कार्यकर्ता होने के नाते सारा समय फील्ड पर जाता हूं.

सवाल: क्या नितिन नबीन की टीम में छत्तीसगढ़ के नेता होंगे?

जवाब: भारतीय जनता पार्टी कार्यकर्ता आधारित पार्टी है. किसी ने कल्पना नहीं कि होगी कि 46 साल के नितिन नबीन दुनिया की सबसे बड़ी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष बन जाएंगे. लेकिन ये सिर्फ भारतीय जनता पार्टी में ही हो सकता है. अब ये आने वाले समय में पता चलेगा कि पार्टी क्या डिसीजन लेती है.

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