Wash & Wash Scam: मास्टर माइंड को रायपुर पुलिस ने पकड़ा! करोड़ों मिले कैश… खुलासा देर शाम तक
Wash & Wash Scam: रायपुर. राजधानी रायपुर में 45 करोड़ रुपए का निवेश दिलाने का झांसा देकर सालिक ग्रुप के डायरेक्टर उमेश कुमार सिन्हा से 1.13 करोड़ रुपए की ठगी करने वाले गिरोह का पुलिस ने पिछले दिनों खुलासा किया था. अब इस मामले में सूत्रों से जानकारी मिल रही है कि पुलिस ने मास्टरमाइंड समेत 5 सदस्यों को हिरासत में ले लिया है. विस्तार न्यूज को सत्रों से पता चला है कि इस मामले में पुलिस को करोड़ों रुपए कैश उक्त आरोपियों के पास से मिले है. हालांकि इस पूरे मामले का खुलासा देर शाम तक पुलिस कर सकती है.
ये था पूरा मामला

बालोद जिले के ग्राम बोरिदकला निवासी उमेश कुमार सिन्हा सालिक ग्रीन रिन्यूएबल एनर्जी प्राइवेट लिमिटेड के डायरेक्टर हैं. वर्ष 2026 में कंपनी के विस्तार और नए प्लांट की स्थापना के लिए उन्हें करीब 45 करोड़ रुपए के निवेश की जरूरत थी. इसी दौरान राकेश कौशिक के माध्यम से उनकी मुलाकात दीपक सिंह, अभिषेक सिंह, योगी और अन्य लोगों से हुई. आरोपियों ने खुद को प्रभावशाली लोगों और विदेशी निवेशकों से जुड़ा बताकर कंपनी के लिए निवेश और फंड उपलब्ध कराने का भरोसा दिलाया. इसके बाद बैठक, फाइल प्रक्रिया, सुरक्षा मंजूरी, विदेशी परीक्षण और विशेष रसायन समेत अलग-अलग औपचारिकताओं के नाम पर उनसे लगातार रकम मांगी गई.
काले नोट को असली बनाने का दिखाया झांसा
आरोपियों ने पीड़ित का विश्वास जीतने के लिए उसे चेन्नई और नागपुर बुलाया. यहां नकली रासायनिक प्रक्रिया के जरिए काले नोटों को असली भारतीय मुद्रा में बदलने का कथित प्रदर्शन किया गया. आरोपियों ने इसे विदेशी तकनीक और विशेष रसायन का परिणाम बताया. पुलिस के मुताबिक यह पूरा तरीका वॉश एंड वॉश यानी ब्लैक मनी स्कैम का हिस्सा था. आरोपियों ने पहले से तैयार असली नोटों का इस्तेमाल कर रासायनिक प्रक्रिया का झूठा प्रदर्शन किया और पीड़ित को भरोसा दिलाया कि उनके पास बड़ी रकम को असली मुद्रा में बदलने की तकनीक है.
इसके बाद कभी विदेशी रसायन, कभी हाई-पावर केमिकल, कभी विदेशी परीक्षण और कभी वरिष्ठ अधिकारियों की अनुमति के नाम पर अलग-अलग किश्तों में रकम ली गई. इस तरह आरोपियों ने कुल 1 करोड़ 13 लाख रुपए हड़प लिए.
तकनीकी जांच से नागपुर तक पहुंची पुलिस
रिपोर्ट दर्ज होने के बाद पुलिस ने मोबाइल नंबरों, बैंक खातों और डिजिटल लेन-देन का तकनीकी विश्लेषण शुरू किया. जांच के दौरान दो महिला आरोपियों की पहचान हुई और उनके नागपुर में होने की जानकारी मिली. पुलिस टीम ने नागपुर पहुंचकर निगरानी और तकनीकी इनपुट के आधार पर दोनों को हिरासत में लिया. पूछताछ में उनके अन्य साथियों के साथ मिलकर सुनियोजित तरीके से ठगी करने की जानकारी सामने आई.
आरोपियों के कब्जे से मोबाइल और नकदी जब्त
पुलिस ने दोनों महिला आरोपियों के कब्जे से तीन मोबाइल फोन, 26 हजार रुपये नकद, एटीएम कार्ड और आधार कार्ड समेत करीब 70 हजार रुपये कीमत की सामग्री जब्त की है. गिरोह के अन्य सदस्यों की पहचान और उनकी भूमिका की जांच की जा रही है. पुलिस के अनुसार आरोपी करीब 15 वर्षों से अलग-अलग तरीकों से ठगी की वारदातों को अंजाम दे रहे हैं. देश के विभिन्न राज्यों में इनके खिलाफ अन्य मामलों की जानकारी जुटाई जा रही है.
तेलीबांधा थाने में मामला दर्ज
पीड़ित की शिकायत पर तेलीबांधा थाना में अपराध क्रमांक 330/26 के तहत भारतीय न्याय संहिता की धारा 318(4) और 61(2) में मामला दर्ज किया गया है. पुलिस फरार आरोपियों की तलाश में संभावित ठिकानों पर दबिश दे रही है. इस पूरे मामले में रायपुर पुलिस कनिज फातमा उर्फ भावना पांडेय, उम्र 24 वर्ष, निवासी राजरहाट गोपालपुर, न्यू टाउन, कोलकाता और दीपिका पालीवाल, उम्र 24 वर्ष, निवासी आनंद विहार, माली कॉलोनी, उदयपुर, राजस्थान को गिरफ्तार कर चूकी है.
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