Balrampur: BJP में ‘पद’ पर क़ृषि मंत्री नेताम की खरी-खरी, बोले- बिल पास कराने और फोटो खिंचवाने के लिए नहीं होता पद

Balrampur: छत्तीसगढ़ के कृषि मंत्री एवं वरिष्ठ भाजपा नेता रामविचार नेताम की सोशल मीडिया पर कार्यकर्ताओं और पदाधिकारियों को दी गई एक नसीहत इन दिनों चर्चा में है.
Agriculture Minister Ramvichar Netam

कृषि‍ मंत्री रामविचार नेताम

Balrampur: छत्तीसगढ़ के कृषि मंत्री एवं वरिष्ठ भाजपा नेता रामविचार नेताम की सोशल मीडिया पर कार्यकर्ताओं और पदाधिकारियों को दी गई एक नसीहत इन दिनों चर्चा में है. मंत्री नेताम ने कथित तौर पर भाजपा के कुछ नेताओं को संबोधित करते हुए कहा है कि संगठन में मिला पद केवल बिल पास करवाने, सिफारिश करवाने या फोटो खिंचवाने के लिए नहीं होता.

मंत्री रामविचार नेताम की ओर से ‘पाल के लाल रामविचार नेताम’ नाम से बनाए गए व्हाट्सएप ग्रुप में यह संदेश साझा किए जाने की बात सामने आई है. संदेश सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है और इसे लेकर भाजपा संगठन के भीतर भी चर्चाएं शुरू हो गई हैं.

बिल पास कराने और फोटो खिंचवाने के लिए नहीं होता पद – नेताम

वायरल संदेश में मंत्री नेताम ने लिखा है कि वे तथाकथित भाजपा नेताओं से विनम्र निवेदन करना चाहते हैं कि संगठन में मिला पद व्यक्तिगत काम निकलवाने या निजी प्रभाव दिखाने का माध्यम नहीं है.

उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि पद का इस्तेमाल बिल पास करवाने, सिफारिश करवाने और फोटो खिंचवाने के लिए नहीं होना चाहिए. संगठन में जिम्मेदारी मिलने के साथ कार्यकर्ताओं और पदाधिकारियों की जिम्मेदारी भी बढ़ जाती है.

‘जब संगठन पर प्रहार हो तो सामने आकर रखें अपनी बात’

मंत्री नेताम ने अपने संदेश में कार्यकर्ताओं को संगठन के प्रति अपनी जिम्मेदारी याद दिलाते हुए कहा कि जब संगठन आलोचनाओं के बीच खड़ा हो और उसकी विचारधारा पर प्रहार हो रहे हों, तब पदाधिकारियों को संगठन के पक्ष में अपनी बात मजबूती से रखनी चाहिए. उन्होंने संकेत दिया कि संगठन के लिए कठिन समय में खड़े होने वाले कार्यकर्ताओं और पदाधिकारियों का ही वास्तविक महत्व है. केवल पद हासिल कर लेने से संगठन के प्रति जिम्मेदारी पूरी नहीं हो जाती.

लेटर पैड और नेम प्लेट से नहीं बढ़ता पद का सम्मान

रामविचार नेताम ने कहा कि पद का सम्मान केवल लेटर पैड और नाम पट्टिका से नहीं बढ़ता, बल्कि कठिन समय में संगठन के साथ मजबूती से खड़े होने से बढ़ता है. उनकी यह नसीहत ऐसे समय में सामने आई है जब भाजपा संगठन में पद और राजनीतिक जिम्मेदारियों को लेकर लगातार चर्चा होती रहती है. यही वजह है कि मंत्री का यह संदेश सोशल मीडिया पर चर्चा का विषय बन गया है.

व्हाट्सएप ग्रुप में संदेश, सोशल मीडिया पर वायरल

बताया जा रहा है कि यह संदेश ‘पाल के लाल रामविचार नेताम’ नाम से बनाए गए व्हाट्सएप ग्रुप में साझा किया गया. इसके बाद संदेश के स्क्रीनशॉट सोशल मीडिया के विभिन्न प्लेटफॉर्म पर वायरल होने लगे.

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मंत्री की इस नसीहत को लेकर अब राजनीतिक गलियारों में अलग-अलग तरह के कयास लगाए जा रहे हैं. हालांकि, संदेश में किसी व्यक्ति का नाम लेकर सीधे तौर पर आरोप नहीं लगाया गया है. ऐसे में यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि मंत्री नेताम की यह टिप्पणी किन परिस्थितियों और किन लोगों के संदर्भ में की गई है.

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