CG फर्नीचर घोटालाः 67 लाख की हेराफेरी, 15 वर्षों बाद हुए गिरफ्तार
सांकेतिक तस्वीर
अंबिकापुर. 15 वर्षों पहले पूर्व अविभाजित सरगुजा के सूरजपुर व बलरामपुर जिले में पूर्व माध्यमिक शालाओं के लिए फर्नीचर खरीदी में लगभग 67.15 लाख रूपए की हेराफेरी कर शासन को क्षति पहुंचाने के मामले में एसीबी की टीम ने तत्कालीन जिला परियोजना समन्वयक राजीव गांधी शिक्षा मिशन सत्यप्रकाश पाण्डेय और मे. दर्शन फेब्रिकेशन व आकृति प्रिंटिंग प्रेस के संचालक संजय पटेल को गिरफ्तार कर लिया है. दोनों आरोपी आज न्यायिक अभिरक्षा में जेल दाखिल कर दिए गए.
एसीबी के डीएसपी प्रमोद खेस ने यह जानकारी देते हुए कहा कि वर्ष 2010-11 में सर्वशिक्षा अभियान अंबिकापुर को अविभाजित सरगुजा जिले के अंतर्गत बलरामपुर और सूरजपुर क्षेत्र की पूर्व माध्यमिक शालाओं में फर्नीचर खरीदी के लिए 2.70 करोड़ रूपए का आबंटन प्राप्त हुआ था. जिसमें सर्व शिक्षा अभियान द्वारा तत्कालीन कलेक्टर व जिला मिशन संचालक के अनुमोदन उपरांत पंजीकृत फर्मों को सीएसआईडीसी की निर्धारित दरों पर फर्नीचर क्रय व आपूर्ति के लिए आदेश जारी किया गया.
एसीबी की टीम ने मामले की विवेचना में पाया कि संजय पटेल द्वारा संचालित मे. दर्शन फेब्रिकेशन और आकृति प्रिंटिंग प्रेस चोपड़ापारा अम्बिकापुर की भूमिका प्रमुख रही. जिसमें यह तथ्य सामने आया कि मे. दर्शन फेब्रिकेशन के माध्यम से फर्नीचर की वास्तविक आपूर्ति किए बगैर ही आपूर्ति दर्शाकर बिल प्रस्तुत किया गया और उनके आधार पर शासकीय राशि का भुगतान भी प्राप्त किया गया. दर्शन फेब्रिकेशन से इस तरह कुल 67 लाख 15 हजार रूपए की आर्थिक क्षति शासन को पहुंचाई गई.
जांच के दौरान यह भी तथ्य सामने आया कि अन्य फर्नीचर आपूर्तिकर्ताओं द्वारा भी आपूर्ति में अनियमितता किए जाने तथा तत्कालीन जिला परियोजना समन्वयक सत्यप्रकाश पाण्डेय द्वारा उनसे भी कमीशन लिए जाने का तथ्य सामने आया है, जिसकी विवेचना जारी है. एसीबी के डीएसपी प्रमोद खेस ने बताया कि शासकीय राशि प्राप्त करने के बाद दर्शन फेब्रिकेशन के संचालक संजय पटेल द्वारा अपना कमीशन रखने के बाद शेष राशि जिला परियोजना समन्वयक सत्यप्रकाश को भी दी गई, इसके भी साक्ष्य प्राप्त हुए हैं. एसीबी की टीम द्वारा दोनों आरोपियों के विरूद्ध धारा 13 (1) (डी), 13(2) भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम 1988 तथा सहपठित धारा 120 बी, 420 व 409 भारतीय दण्डसंहिता के तहत कार्रवाई करते हुए उन्हें रिमांड पर जेल भेज दिया.
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