MCB जिले में गोहड़ारी नदी पर पुल निर्माण के लिए 8.81 करोड़ की मंजूरी, ‘सीधे मुद्दे की बात’ में दिखाई गई थी खबर

Gohdari River: विस्तार न्यूज की लगातार खबरों और ग्रामीणों की मांग के बीच अब सरकार ने मनेंद्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर जिले को बड़ी सौगात दी है.
Gohdari River bridge Work Start

छत्तीसगढ़ की गोहड़ारी नदी में पुल निर्माण के लिए सरकार ने 8.81 करोड़ की स्वीकृति

इनपुट- मदन तिवारी

CG News: छत्तीसगढ़ में विस्तार न्यूज की खबर का एक और बड़ा असर देखने को मिला है. विस्तार न्यूज की लगातार खबरों और ग्रामीणों की मांग के बीच अब सरकार ने मनेंद्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर जिले को बड़ी सौगात दी है. सरकार ने गोहड़ारी नदी पर पुल निर्माण के लिए 8 करोड़ 81 लाख रुपए की प्रशासनिक स्वीकृति दे दी है. लोक निर्माण विभाग को निर्माण कार्य आगे बढ़ाने की अनुमति मिल गई है. चांटी से जनकपुर मार्ग पर बनने वाले इस पुल से इलाके के लोगों को बड़ी राहत मिलने की उम्मीद है. विस्तार न्यूज के प्राइम टाइम ‘सीधे मुद्दे की बात’ में प्रमुखता से खबर दिखाई गई थी.

20 अगस्त को तेज बारिश और गोहड़ारी नदी के उफान से क्षतिग्रस्त हुआ जनकपुर–शहडोल मुख्य मार्ग का महत्वपूर्ण पुल आखिरकार अब मरम्मत की राह पर आ गया है. आमजन से जुड़ी इस खबर को विस्तार न्यूज ने 25 सितंबर को प्रमुखता से दिखाई थी. 36 दिन से पुल की मरम्मत शुरू नहीं होने और लोगों की परेशानी का मुद्दा उठाया था. खबर सामने आने के बाद अब पुल पर मरम्मत कार्य शुरू हो गया है.

गोहड़ारी नदी पर बना यह पुल एमसीबी जिले के जनकपुर क्षेत्र को मध्य प्रदेश के शहडोल से जोड़ने वाले महत्वपूर्ण मार्ग का हिस्सा है. 20 अगस्त को तेज बारिश के बाद नदी में आए उफान से पुल क्षतिग्रस्त हो गया था. इसके बाद सुरक्षा के मद्देनजर प्रशासन ने इस मार्ग पर आवाजाही प्रतिबंधित कर दी थी. 20 सितंबर तक पुल पर पूर्ण प्रतिबंध लागू रहा. इस दौरान केवल पैदल यात्रियों और दोपहिया वाहनों को ही पुल से गुजरने की अनुमति थी. भारी वाहनों के पुल से गुजरने पर प्रशासन ने दंडात्मक कार्रवाई की चेतावनी भी दी थी.

47KM का अतिरिक्त चक्कर लगाना पड़ता था

पुल पर आवागमन प्रभावित होने से जनकपुर से शहडोल जाने वाले यात्रियों को वैकल्पिक मार्ग का सहारा लेना पड़ा. वाहनों को चांटी बैरियर, कंजिया, कुंवारपुर और बहरासी होते हुए जनकपुर आना-जाना पड़ रहा था. इस वजह से यात्रियों को करीब 47 किलोमीटर का अतिरिक्त चक्कर लगाना पड़ रहा था. जनकपुर से शहडोल जाने वाले लोगों को सामान्य सफर की तुलना में करीब 45 मिनट से एक घंटे तक अतिरिक्त समय लग रहा था. इसका असर सबसे ज्यादा रोजाना आने-जाने वाले यात्रियों, स्कूली बच्चों, मरीजों और व्यापारियों पर पड़ा. व्यापारियों राजेश मिश्रा, प्रशांत सिंह और दीपक सोनी ने बताया था कि अतिरिक्त दूरी के कारण वाहनों का ट्रांसपोर्टिंग खर्च बढ़ गया है, जिसका असर सामान की कीमतों पर भी पड़ रहा है.

विस्तार न्यूज की खबर का असर

पुल की स्थिति को लेकर विस्तार न्यूज ने मौके की तस्वीरों और स्थानीय लोगों की समस्या को प्रमुखता से सामने रखा था. खबर में यह भी बताया गया था कि पुल क्षतिग्रस्त होने के 36 दिन बाद भी मरम्मत कार्य शुरू नहीं हुआ था, जबकि 21 अगस्त को छत्तीसगढ़ के उपमुख्यमंत्री अरुण साव ने क्षतिग्रस्त पुल की जल्द मरम्मत कराकर आवागमन सुचारू करने की बात कही थी. वहीं भरतपुर-सोनहत विधायक रेणुका सिंह ने अधिकारियों की बैठक लेकर जल्द मरम्मत कार्य शुरू कराने की बात कही थी.

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पीडब्ल्यूडी के एसडीओ रामप्रसाद चौधरी ने बताया था कि पुल की मरम्मत के लिए 19 लाख 61 हजार रुपए का प्राकलन तैयार कर मुख्य अभियंता को भेजा गया है. उनके अनुसार पुल का बेयरिंग कोट बह गया था, पियर के पत्थर निकलकर गिर गए थे और पुल के नीचे का सॉकेट कंक्रीट भी क्षतिग्रस्त हुआ था. अब विस्तार न्यूज़ की खबर के बाद मौके पर मरम्मत कार्य शुरू हो चुका है. पुल पर काम शुरू होने से क्षेत्र के लोगों में राहत की उम्मीद जगी है.

हालांकि अभी चुनौती यह है कि मरम्मत कार्य कितनी तेजी से पूरा होता है और पुल को पूरी तरह सुरक्षित घोषित कर सामान्य आवागमन के लिए कब खोला जाता है. 36 दिन की परेशानी के बाद अब गोहड़ारी पुल पर काम शुरू हो गया है. 47 किलोमीटर के अतिरिक्त सफर और 45 मिनट से एक घंटे की अतिरिक्त यात्रा से परेशान लोगों को उम्मीद है कि मरम्मत पूरी होने के बाद जनकपुर और शहडोल के बीच सीधा और सुगम आवागमन फिर से बहाल हो सकेगा.

PWD ने जारी किया स्वीकृति आदेश

विस्तार न्यूज की खबर का असर यह हुआ कि गोहडारी नदी पर नए पुल के लिए सरकार ने 8.81 करोड़ की प्रशासकीय मंजूरी दे दी है. यानी कि अब जनकपुर–शहडोल मार्ग पर गोहडारी नदी के नए पुल का रास्ता साफ हो गया है. इसके लिए PWD ने स्वीकृति आदेश जारी किया है.

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