Ambikapur News: अंबिकापुर जगन्नाथपुर जलाशय पर मंडराया कोयला खदान का खतरा, जल संसाधन विभाग ने SECL को लिखा पत्र

Ambikapur News: जगन्नाथपुर जलाशय से प्रतापपुर क्षेत्र के सैकड़ों किसानों की कृषि भूमि सिंचित होती है. ऐसे में जलाशय को किसी भी प्रकार का नुकसान किसानों की आजीविका पर भी सीधा असर डाल सकता है. इधर स्थानीय सामाजिक कार्यकर्ता भी जलाशय को बचाने के लिए लंबे समय से आंदोलन कर रहे हैं.
Jagannathpur Dam

जगन्नाथपुर जलाशय पर कोयला खदान का खतरा

Ambikapur News: जिले के प्रतापपुर क्षेत्र स्थित जगन्नाथपुर जलाशय का अस्तित्व कोयला खनन परियोजना से खतरे में पड़ता नजर आ रहा है. जल संसाधन विभाग ने इस संबंध में दक्षिण पूर्वी कोलफील्ड्स लिमिटेड (SECL) के महाप्रबंधक को पत्र लिखकर जलाशय की सुरक्षा सुनिश्चित करने की मांग की है.

डूबान क्षेत्र में खनन पर विभाग ने जताई आपत्ति

कार्यपालन अभियंता, जल संसाधन विभाग द्वारा भेजे गए पत्र में बताया गया है कि महान-3 कोल माइंस के विस्तार के लिए जलाशय क्षेत्र की चार हेक्टेयर से अधिक भूमि प्रशासन द्वारा SECL को आवंटित की गई है. विभाग ने आशंका जताई है कि यदि जलाशय के डूबान क्षेत्र में खनन कार्य किया गया तो इससे जलाशय की संरचना और अस्तित्व पर गंभीर खतरा उत्पन्न हो सकता है.

जलाशय बचाने के लिए लंबे समय से आंदोलन जारी

जगन्नाथपुर जलाशय से प्रतापपुर क्षेत्र के सैकड़ों किसानों की कृषि भूमि सिंचित होती है. ऐसे में जलाशय को किसी भी प्रकार का नुकसान किसानों की आजीविका पर भी सीधा असर डाल सकता है.
इधर स्थानीय सामाजिक कार्यकर्ता भी जलाशय को बचाने के लिए लंबे समय से आंदोलन कर रहे हैं. सामाजिक कार्यकर्ता राकेश मित्तल के नेतृत्व में जल सत्याग्रह सहित कई चरणों में विरोध प्रदर्शन किए जा चुके हैं. उनका कहना है कि जलाशय और पर्यावरण की कीमत पर कोयला खनन परियोजनाओं को मंजूरी नहीं दी जानी चाहिए.

नई कोल माइंस परियोजनाओं का भी हो रहा विरोध

प्रतापपुर क्षेत्र में प्रस्तावित खड़गवाकला कोल माइंस परियोजना और झींगापारा कोल माइंस परियोजना का भी स्थानीय ग्रामीण लगातार विरोध कर रहे हैं. उनका कहना है कि इन परियोजनाओं से जल स्रोत, पर्यावरण और खेती पर गंभीर प्रभाव पड़ेगा.

ये भी पढ़ें-Raipur: नगर निगम ने 1 दिन में वसूला 1.33 करोड़ रुपये से ज्यादा टैक्स, Tax चोरी के मामले में कई संपत्तियों को किया सील

जलाशय की सुरक्षा का मुद्दा फिर गरमाया

अब जल संसाधन विभाग के आधिकारिक पत्र के सामने आने के बाद जगन्नाथपुर जलाशय की सुरक्षा का मुद्दा एक बार फिर चर्चा में आ गया है. स्थानीय लोगों की मांग है कि जलाशय की सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए खनन परियोजना पर पुनर्विचार किया जाए.

ज़रूर पढ़ें