‘हादसे का इंतजार कर रहे हो..’, सड़क पर गड्ढे देख भड़के डिप्टी सीएम अरुण साव, अफसरों को वहीं लगाई फटकार
अरुण साव
Arun Sao Surguja Visit: छत्तीसगढ़ से बड़ी खबर सामने आ रही है. छत्तीसगढ़ के डिप्टी सीएम और लोक निर्माण विभाग मंत्री अरुण साव एक्शन मोड में दिखे. गुरुवार को डिप्टी सीएम अचानक निरीक्षण पर निकले. इस दौरान उन्हें खामी दिखी जिसपर डिप्टी सीएम ने नाराजगी जताई. प्रतापपुर-अंबिकापुर-खड़गवां मार्ग पर महानदी पुल की स्थिति देखकर वे मौके पर ही अधिकारियों से जवाब-तलब करने लगे. डिप्टी सीएम ने अधिकारियों को तुरंत सुधार कार्य शुरू कराने के निर्देश दिए.
आज घाघरी रोड, अंबिकापुर के पास मा. सांसद श्री @ChintamaniMhraj जी के साथ निर्माणाधीन सड़क का औचक निरीक्षण किया। लोक निर्माण विभाग के अधिकारियों से कार्य की गुणवत्ता के संबंध में जानकारी ली। यह प्रयास आवासीय विद्यालय पहुंच मार्ग है, सड़क बन जाने के बाद छात्रों एवं आम लोगों को आवागमन में सुविधा होगी। सड़क के पहले नाली निर्माण नहीं किया गया, इस लापरवाही पर ठेकेदार और अधिकारी को गंभीरता से कार्य करने निर्देश दिए। #PWD
— Arun Sao (@ArunSao3) October 8, 2026
आज सरगुजा प्रवास के दौरान प्रतापपुर-अंबिकापुर खड़गवां मार्ग पर महान नदी का औचक निरीक्षण किया। पुल पर सड़क की स्थिति पर अधिकारियों को तत्काल मरम्मत के निर्देश दिए हैं। अधिकारियों को मैदान में उतरकर काम करना होगा, सरगुजा के एसी कमरे वाले अधिकारी चेत जाएं। https://t.co/xmMOCEjZwO
— Arun Sao (@ArunSao3) October 8, 2026
सड़क देखकर रुके मंत्री
मिली जानकारी के मुताबिक, डिप्टी सीएम ने सरगुजा दौरे के दौरान अचानक महानदी पुल पर अपना काफिला रुकवाया. और जायजा लेने लगे. मंत्री को सड़क की हालत संतोषजनक नहीं मिली. जिसके बाद उन्होंने अधिकारियों से सवाल किए कि समय पर मरम्मत का काम क्यों नहीं कराया गया. मंत्री ने अधिकारियों की जमकर क्लास लगाई.
हादसे का इंतजार कर रहे हो-डिप्टी सीएम
डिप्टी सीएम ने अधिकारियों से नराजगी जताते हुए पूछा कि, जब तक कोई हादसा नहीं हो जातातब तक मरम्मत का कार्य नहीं कराया जाएगा. मंत्री ने कहा कि, इतना बड़ा ब्रिज होने के बावजूद इसकी हालत खराब है. यही नहीं मंत्री ने अधिकारियों से यह भी पूछा कि, अगर इसी वजह से दुर्घटना होती है तो इसकी जिम्मेदारी कौन लेगा.
मंत्री ने अधिकारियों की कार्यशैली पर सवाल उठाते हुए पूछा कि, अगर हर सड़क और पुल की कमी उन्हें खुद मौके पर आकर बतानी पड़ेगी तो फिर विभागीय निरीक्षण और निगरानी का क्या मतलब है. उन्होंने निर्देश दिए कि, उन्हें खुद फील्ड में जाकर सड़कों और पुलों की स्थिति देखनी चाहिए.