पत्नी को मिली अनुकंपा नियुक्त‍ि, शहीद जवान के बुजुर्ग माता-पिता को घर से निकाला, पीड़‍ितों ने की कलेक्टर-एसपी से शिकायत

CG News: बहू पर अनुकंपा नियुक्ति की शर्तों का उल्लंघन करने, बुजुर्ग सास-ससुर को घर से बेदखल करने और शहीद परिवार को मिलने वाली आर्थिक सहायता की जानकारी साझा नहीं करने जैसे गंभीर आरोप लगाए गए हैं.
Parents of the martyred soldier

शहीद जवान के माता-पिता

CG News: छत्तीसगढ़ के सरगुजा जिले में शहीद STF जवान के बुजुर्ग माता-पिता ने अपनी बहू के खिलाफ पुलिस अधीक्षक से शिकायत की है. शिकायत में बहू पर अनुकंपा नियुक्ति की शर्तों का उल्लंघन करने, बुजुर्ग सास-ससुर को घर से बेदखल करने और शहीद परिवार को मिलने वाली आर्थिक सहायता की जानकारी साझा नहीं करने जैसे गंभीर आरोप लगाए गए हैं. पीड़ित माता-पिता ने मामले की जांच कर न्याय दिलाने की मांग की है.

मामला STF (स्पेशल टास्क फोर्स) में पदस्थ रहे शहीद रामशंकर का है. शिकायत के मुताबिक, रामशंकर 3 अप्रैल 2021 को बीजापुर में शहीद हुए थे. उनकी कोई संतान नहीं थी. शहादत के बाद उनकी पत्नी को परिवार के भरण-पोषण और देखभाल की शर्त पर अनुकंपा नियुक्ति के तहत पुलिस अधीक्षक कार्यालय, अंबिकापुर में नौकरी दी गई थी.

76 वर्षीय पिता और 68 वर्षीय मां ने लगाए गंभीर आरोप

शहीद के पिता दुखराम और मां दुलारी बाई का कहना है कि उनकी उम्र क्रमशः 76 और 68 वर्ष है. दोनों बुजुर्ग और असहाय हैं. आरोप है कि नौकरी मिलने के बाद बहू ने उनसे सारे संबंध तोड़ लिए हैं. वह न तो उनकी सुध लेती हैं और न ही किसी तरह की आर्थिक मदद करती हैं. शिकायत में कहा गया है कि उनके छोटे बेटे जय सिंह ने अंबिकापुर में मकान बनवाया था, लेकिन उस मकान पर ताला लगा दिया गया है. इसके कारण बुजुर्ग माता-पिता अपने छोटे बेटे और उसके परिवार के साथ रहने को मजबूर हैं.

84 लाख रुपये की सहायता राशि को लेकर भी सवाल

शिकायतकर्ताओं ने शहीद परिवार को मिली आर्थिक सहायता को लेकर भी सवाल उठाए हैं. उनका दावा है कि शहादत के बाद शासन से लगभग 84 लाख रुपये मिलने की जानकारी दी गई थी, जबकि बहू की ओर से केवल 25 लाख रुपये मिलने की बात बताई जाती है. आवेदन में आरोप लगाया गया है कि शहादत के बाद मिली राशि और वेतन से बहू ने कार, स्कूटी, ट्रैक्टर, बाइक, जमीन और बैंक में फिक्स्ड डिपॉजिट जैसी संपत्तियां बनाई हैं, लेकिन बुजुर्ग माता-पिता की देखभाल नहीं की जा रही है.

दस्तावेज और आर्थिक सहायता का ब्योरा नहीं देने का आरोप

बुजुर्ग माता-पिता ने शिकायत में कहा है कि उनके पास शहीद बेटे के आधार कार्ड, शहीद प्रमाण पत्र और आश्रित परिवार सूची जैसे जरूरी दस्तावेज नहीं हैं. बहू से दस्तावेजों की प्रतियां मांगने पर भी नहीं दी जा रही हैं. उन्होंने शासन से प्राप्त सहायता राशि, वेतन और खर्च का पूरा विवरण शहीद परिवार के साथ साझा कराने की मांग भी की है.

कलेक्टर और एसपी से जांच और न्याय की गुहार

शहीद के माता-पिता ने कलेक्टर और पुलिस अधीक्षक, सरगुजा को आवेदन सौंपकर अनुकंपा नियुक्ति की शर्तों की जांच कराने, बहू को बुजुर्ग माता-पिता की देखभाल के लिए जिम्मेदार बनाने और उन्हें घर में प्रवेश दिलाने की मांग की है. साथ ही नियमानुसार उचित कार्रवाई करने का आग्रह किया है. फिलहाल, ये शिकायत में लगाए गए आरोप हैं. इन आरोपों पर पुलिस प्रशासन की जांच और संबंधित महिला का पक्ष सामने आना बाकी है.

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