साइबर ठगों ने BJP MLC को भी नहीं बख्शा, ATS अफसर बनकर डेढ़ घंटे तक रखा डिजिटल अरेस्ट

ठगों ने खुद को मुंबई पुलिस और एटीएस अधिकारी बताकर एमएलसी को डिजिटल अरेस्ट किया. लेकिन गनीमत ये रही कि एमएलसी ने सूझबूझ दिखाया और किसी भी तरह की कोई रकम ट्रांसफर नहीं की.
BJP MLC Shailendra Pratap Singh (File Photo)

BJP MLC शैलेंद्र प्रताप सिंह(File Photo)

UP News: देशभर में साइबर ठगी की घटनाएं लगातार बढ़ती जा रही हैं. आम आदमी से लेकर नेता और अभिनेता कोई भी साइबर ठगों से बच नहीं पा रहा है. उत्तर प्रदेश के सुल्तानपुर से भी एक ऐसा ही मामला सामने आया है. यहां एक बीजेपी एमएलसी को साइबर ठगों ने निशाना बनाया है. सुल्तानपुर में बीजेपी के एमएलसी शैलेंद्र प्रताप सिंह को साइबर ठगों ने डेढ़ घंटे तक डिजिटल अरेस्ट करके रखा.

मुंबई ATS का अधिकारी बताकर किया डिजिटल अरेस्ट

ठगों ने खुद को मुंबई पुलिस और एटीएस अधिकारी बताकर एमएलसी को डिजिटल अरेस्ट किया. लेकिन गनीमत ये रही कि एमएलसी ने सूझबूझ दिखाया और किसी भी तरह की कोई रकम ट्रांसफर नहीं की. एमएलसी शैलेंद्र सिंह ने जानकारी देते हुए बताया कि उनके पास अंजान नंबर कॉल से आई. इसके बाद उन्होंने खुद को मुंबई एटीएस का अधिकारी बताते हुए वीडियो कॉल किया. आरोपी वर्दी में थे, जिसके कारण एमएलसी डर गए और करीब डेढ़ घंटे तक उन्हें डिजिटल अरेस्ट बनाकर रखा.

ठग बोले- आपके नाम से फर्जी एकाउंट खोला गया

आरोपियों ने वीडियो कॉल पर एमएलसी शैलेंद्र सिंह से कहा कि आपके नाम पर कैनरा बैंक में फर्जी एकाउंट खोला गया है. साइबर ठगों ने एमएलसी से कहा कि इस फर्जी खाते के जरिए मनी लॉन्ड्रिंग की जा रही है. इसके बाद आरोपी एमएलसी से लगातार व्यक्तिगत जानकारी मांगते रहे. आरोपियों ने एमएलसी से आधार कार्ड और पैन की भी जानकारी मांगी. ठग लगातार साइकोलॉजिकल दबाव बनाते रहे. ठगों ने दबाव बनाने के लिए एमएलसी से दरवाजा बंद करने और किसी दूसरे व्यक्ति को फोन ना करने के लिए कहा.

MLC ने शिकायत दर्ज करवाई

जब ठग बार-बार एमएलसी को धमकाने की कोशिश कर रहे थे. इस दौरान एमएलसी को भी शक हो गया. उन्होंने बिना किसी लेनदेन के फौरन फोन काट दिया. जिससे कि वो एक बड़ी ठगी का शिकार होने से बच गए. एमएलसी ने घटना की पूरी जानकारी पुलिस को दी है. फिलहाल पुलिस पूरे मामले में जांच कर रही है.

इसके साथ ही पुलिस ने अपील की है कि किसी भी तरह के अंजान नंबर से आए कॉल पर अपनी कोई भी व्यक्तिगत या गोपनीय जानकारी ना दें. अगर कोई किसी भी तरह डराता है तो फौरन पुलिस को फोन करके जानकारी दें.

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