BMC में BJP की वापसी, लेकिन इस वार्ड में 7 वोटों से मिली हार, कांग्रेस ने दर्ज की जीत

BMC Chunav 2026: वार्ड 90 में कांग्रेस के प्रत्याशी ने भाजपा प्रत्याशी को केवल 7 वोटों के मामूली अंतरों से हरा दिया. जिसके बाद से यह वार्ड अब चर्चा का विषय बना हुआ है.
BJP-Congress BMC Election 2026

कांग्रेस ने वार्ड 90 में भाजपा प्रत्याशी को 7 वोटों से हराया.

BMC Election Result: सोचिए अगर कोई महज चंद्र वोटों से चुनाव हार जाए, तो उसे कितना दुख होता होगा. बीएमसी चुनाव के वार्ड 90 में ऐसा ही देखने को मिला. यहां पर कांग्रेस के प्रत्याशी ने भाजपा प्रत्याशी को केवल 7 वोटों के मामूली अंतरों से हरा दिया. जिसके बाद से यह वार्ड अब चर्चा का विषय बना हुआ है. जहां भाजपा ने बीएमसी चुनाव में अपना कब्जा जमाने में सफल रही, तो वहीं इस वार्ड पर उसे निराशा हाथ लगी, वह भी मात्र चंद्र वोटों से.

बीएमसी चुनाव में इस वार्ड में चौंकाने वाले परिणाम आए. यहां सबसे करीबी मुकाबला देखने को मिला. वार्ड 90, संताक्रूज में भाजपा उम्मीदवार ज्योति अनिल उपाध्याय को कांग्रेस प्रत्याशी एडवोकेट ट्यूलिप ब्रायन मिरांडा ने हरा दिया. भाजपा प्रत्याशी की हार उस दौरान हुई, जब बीएमसी पर भाजपा का ही कब्जा हो गया. आंकड़ों के अनुसार भाजपा प्रत्याशी को कुल 5,190 वोट मिले तो वहीं कांग्रेस प्रत्याशी को 7 वोट ज्यादा कुल 5,197 मत मिले. बीएमसी चुनाव में सबसे कम हार-जीत का अंतर इसी वार्ड में दर्ज किया गया, जो चर्चा का विषय बना हुआ है.

किसे-कितने वार्डों में मिली जीत?

  • बीएमसी में कुल 227 वार्ड हैं, जिसमें सबसे ज्यादा भाजपा को 89 वार्डों में जीत मिली है, तो वहीं दूसरे नंबर पर शिवसेना (उद्धव गुट) को 65 वार्डों पर जीत मिली है.
  • इसके अलावा शिव सेना (शिंदे)- 29, एनसीपी (अजित)-3, एनसीपी (शरद)-1, कांग्रेस-24, मनसे-6 और ओवैसी की पार्टी के 7 उम्मीदवारों ने जीत दर्ज की है. इसके अलावा 3 अन्य प्रत्याशियों को भी जीत मिली है.

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एशिया की सबसे महंगी नगरपालिका है बीएमसी

BMC का नाम देश ही नहीं एशिया की सबसे अमीर नगरपालिकाओं में शुमार है. यहां का सालाना बजट 74,400 करोड़ रुपए से ज्यादा का है. यहां पिछले 25 सालों से ठाकरे परिवार का कब्जा रहा है. लेकिन इस बार बाजी पलट गई. भाजपा ने ठाकरे परिवार को सत्ता से दूर करते हुए अपना परचम लहराया. बीएमसी में जीत के लिए पूरी ताकत लगाने वाले ठाकरे परिवार एकसाथ आ गए लेकिन फिर भी जनता ने उनपर भरोसा नहीं जताया. बीएमसी में भाजपा ने शिवसेना (शिंदे) के साथ बहुमत का आंकड़ा पार कर लिया है.

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