Budget 2026: अल्पसंख्यकों के लिए मोदी सरकार ने खोला खजाना, जानें बजट में कितना मिला फंड
बजट में मुसलमानों के लिए क्या?
Budget 2026: मोदी सरकार अल्पसंख्यकों पर काफी मेहरबान नजर आ रही है. मोदी सरकार की मेहरबानी आज आम बजट के दौरान दिखी, जब उन्होंने अल्पसंख्यकों के बजट को पिछले साल की अपेक्षा बढ़ा दिया. सरकार ने इस बार अल्पसंख्यक वर्ग के लिए कुल 3400 करोड़ रुपए का बजट रखा है. हालांकि ऐसा नहीं है कि यह सिर्फ पहली बार ही बजट बढ़ाया गया है. इससे पहले भी साल दर साल अल्पसंख्यकों के बजट में इजाफा किया गया है.
बता दें, अल्पसंख्यकों के लिए यूपीए की सरकार में अच्छा खासा बजट दिया जाता था. 2014 में जब मोदी सरकार आई तो ऐसा लगा कि कहीं यह सरकार अल्पसंख्यक मंत्रालय ही न खत्म कर दें, लेकिन उन्होंने ऐसा नहीं किया, बल्कि अल्पसंख्यकों को मिलने वाले बजट को बढ़ा दिया. मोदी सरकार ने अपने पहले कार्यकाल 2014 से 2019 तक अल्पसंख्यकों के बजट में अच्छी खासी बढ़ोत्तरी की. ऐसा लग रहा था जैसे सरकार अपना पूरा बजट का खजाना अल्पसंख्यकों के लिए ही खोल रखा है. हालांकि अभी भी सरकार हर साल बजट को बढ़ा रही है लेकिन पहले कार्यकाल की अपेक्षा काफी कमी आई है.
कब हुआ था अल्पसंख्यक मंत्रालय का गठन?
इस मंत्रालय का गठन मनमोहन सरकार के पहले कार्यकाल में साल 2006 में किया गया था. जिसमें पहले साल 143 करोड़ रुपए आवंटित किए थे. इसके बाद यह साल दर साल बढ़ता ही गया. जब मनमोहन सिंह अपने अंतिम कार्यकाल के दौरान 2013-14 तक 3511 करोड़ रुपए आवंटित किए, तो मोदी सरकार ने अपने पहले कार्यकाल के पहले साल ही इसे बढ़ाकर 3711 करोड़ कर दिया. जबकि सबको लग रहा था कि मोदी सरकार इसको बढ़ाने की बजाय बंद कर देगी, लेकिन सरकार ने ‘सबका-साथ सबका-विकास’ के तहत खुलकर अपना पिटारा खोल दिया.
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2023 में की गई 1923 करोड़ रुपए की कटौती
- मोदी सरकार ने साल-दर-साल अल्पसंख्यकों के लिए 2021 तक बजट को बढ़ाया लेकिन 2022 से इसमें कटौती करने लगी. 2022 में पहली बार पिछले साल की तुलना में 9 करोड़ रुपए कम दिए. 2023 में 1923 करोड़ रुपए की कटौती की, जो आज तक सबसे बड़ी कटौती रही.
- 2024 में लगभग 86 करोड़ रुपए अधिक दिए. इस साल मोदी सरकार ने अपने बजट में कुल 3500 करोड़ रुपए आवंटित किए हैं, जो पिछले साल की तुलना 4.38 करोड़ रुपए ज्यादा है.