सिंधु जल समझौता सस्पेंड होने के बाद मोदी सरकार की बड़ी तैयारी, चिनाब नदी पर हाइड्रो पावर प्रोजेक्ट को मंजूरी

Chenab River Project: जम्मू-कश्मीर के रामबन जिले में चिनाब नदी पर NHPC ने सावलकोट हाइड्रो इलेक्ट्रिक प्रोजेक्ट को लेकर टेंडर जारी कर दिया है.
Chenab River Indus Water

चिनाब नदी

Chenab River Project: मोदी सरकार ने चिनाब नदी पर बड़े इंफ्रास्ट्रक्चर और ऊर्जा प्रोजेक्ट की दिशा में बड़ा कदम उठाया है. इसके लिए सरकारी कंपनी एनएचपीसी (NHPC) ने टेंडर भी जारी कर दिए हैं. यह प्रोजेक्ट जम्मू-कश्मीर की ऊर्जा जरूरतों को पूरा करने के साथ-साथ पावर ग्रिड को भी मजबूत करेगा. मोदी सरकार ने यह फैसला पाकिस्तान के साथ सिंधु जल संधि को सस्पेंड करने के बाद लिया है.

जम्मू-कश्मीर के रामबन जिले में चिनाब नदी पर NHPC ने सावलकोट हाइड्रो इलेक्ट्रिक प्रोजेक्ट को लेकर टेंडर भी जारी कर दिया है. यानी इस पर काफी तेजी से काम किया जाएगा. NHPC ने इसके लिए 5129 करोड़ रुपए की लागत से जुड़ा टेंडर निकाला है. जिसके अनुसार, परियोजना के लिए 12 मार्च तक बोली शुरू होगी, जो 20 मार्च तक चलेगी. बोली की बैधता 180 दिनों तक रहेगी, जबकि इसको पूरा करने की समयसीमा 3285 दिन तय की गई है.

क्या-क्या होगा निर्माण?

NHPC के इस प्रोजेक्ट को एक ही पैकेज के तहत तैयार किया जाएगा. इस प्रोजेक्ट में डाइवर्जेंट टनल का निर्माण, एडिट, कोफर डैम और डीटी का निर्माण किया जाएगा. इसके अलावा एक्सेस टनल, राइट बैंक स्पाइरल टनल, सड़क से जुड़े निर्माण, मांडिया नाला डीटी और डैम से जुड़े सभी सहायक कार्य भी इसी पैकेज का हिस्सा होंगे. मोदी सरकार ने सावलकोट हाइड्रो प्रोजेक्ट्स से कुल 1856 मेगावाट बिजली उत्पादन का लक्ष्य रखा है.

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क्यों चिंता में है पाकिस्तान?

चिनाब नदी पाकिस्तान की जीवन रेखा मानी जाती है. यह सिंधु बेसिन का हिस्सा है. पाकिस्तान जो करीब 75 प्रतिशत पानी उन पश्चिमी नदियों से मिलता है, जो भारत से होकर पाकिस्तान जाती हैं. यहां तक की पाकिस्तान की लगभग 90 प्रतिशत से ज्यादा खेती इसी बेसिन पर निर्भर है. ऑपरेशन सिंदूर के बाद सिंधु जल संधि की बैठकों में भाग लेना भारत ने छोड़ दिया और सस्पेंड कर दिया, तो पाकिस्तान की चिंता बढ़ गई.

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