CJP ने आंदोलन वापस लेने का किया ऐलान, सरकार ने मानी आंदोलनकारियों की सभी शर्तें
सीजेपी का प्रदर्शन
CJP Protest Jantar Mantar: दिल्ली के जंतर-मंतर पर चल रहा CJP का आंदोलन खत्म हो गया है. इसकी घोषणा सरकार के साथ बैठक के बाद सीजेपी की तरफ से की गई है. शनिवार को शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने इस्तीफा दे दिया था. इसके बाद जेपी नड्डा और जितेंद्र सिंह के साथ बैठक के बाद साक्षा प्रेस कॉन्फ्रेंस की गई. इस दौरान सीजेपी की तरफ से कहा गया कि सरकार ने उनकी तीनों प्रमुख मांगें मान ली हैं. प्रधान के इस्तीफे के बाद दो मुख्य मांगें- नीट पीड़ित परिवारों को आर्थिक मदद और प्रदर्शनकारियों पर दर्ज केस वापस लेने की शर्तों को सरकार ने मान लिया है.
CJP के डेलीगेशन से बातचीत के बाद केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा ने कहा, “आज हमारी लंबी बातचीत हुई. वे एक लिखा हुआ ड्राफ्ट लाए थे जिसमें उन्होंने आंदोलन में चल रहे केस के बारे में 4 पॉइंट्स रखे थे. इसके साथ ही, हमने बाकी 2 मांगों पर भी बात की: कोई बदले की कार्रवाई न की जाए, मुआवजा दिया जाए और उनके 5 पॉइंट वाले चार्टर पर विचार किया जाए. हम उन्हें FIR की कॉपी देंगे और कोई कार्रवाई नहीं होगी. दूसरी बात जो कही गई है, वह यह है कि मुआवजे के बारे में, सरकार ने साफ कहा है कि हमें भी सहानुभूति है. हम सभी ने कहा है कि नियम और कानून के हिसाब से मुआवजा होगा, जो भी ज़्यादा से ज़्यादा हो सकेगा, उन्हें दिया जाएगा.”
प्रधान ने दिया इस्तीफा
इसके पहले धर्मेंद्र प्रधान ने ट्विटर पर इस्तीफा पोस्ट किया, जिसमें उन्होंने कहा कि वे 10 दिनों के घटनाक्रम से दुखी हैं. उन्होंने अपना इस्तीफा पीएम मोदी को भेज दिया है. बता दें कि पेपर लीक और परीक्षा व्यवस्था में सुधार की मांग को लेकर दिल्ली समेत देश के कई शहरों में प्रदर्शन हो रहा है. दिल्ली के अलावा, बिहार, यूपी, गुजरात, एमपी और महाराष्ट्र में भी प्रदर्शन हो रहा है.
केंद्र सरकार और CJP प्रतिनिधियों के बीच बातचीत का तीसरा दौर आज प्रस्तावित थी और इसके ठीक पहले ही धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा आ गया था. इसके बाद माना जा रहा था कि जल्द ही आंदोलन खत्म हो जाएगा.