पूर्व नौसेना प्रमुख को साबित करनी होगी ‘पहचान’, चुनाव आयोग ने भेजा नोटिस, क्या बोले अरुण प्रकाश?

Election Commission Notice: चुनाव आयोग द्वारा दी गई नोटिस के बाद दक्षिण गोवा की जिला निर्वाचन अधिकारी एग्ना क्लीटस ने बताया कि एडमिरल प्रकाश 'अनमैप' की श्रेणी में आते हैं
Former Admiral Arun Prakash receives notice from Election Commission

पूर्व एडमिरल अरुण प्रकाश को मिली चुनाव आयोग से नोटिस

ECI Notice Admiral Arun Prakash: भारत-पाकिस्तान के 1971 के युद्ध में अपनी अहम भूमिका निभाने वाले वीर चक्र से सम्मानित एडमिरल प्रकाश को को लेकर चुनाव आयोग ने सवाल खड़े किए हैं. चुनाव आयोग ने एसआईआर ‘सुनवाई नोटिस’ के तहत अपनी पहचान स्थापित करने के लिए निर्वाचन अधिकारी के समक्ष उपस्थित रहने को कहा है. इस पर एडमिरल प्रकाश ने कहा कि मुझे न तो किसी विशेष सुविधा की जरूरत है और न ही मैंने 20 साल पहले सेवानिवृत्ति के बाद कभी ऐसी कोई मांग की है. मैं और मेरी पत्नी दोनों ने आवश्यकतानुसार एसआईआर प्रपत्र भरे थे. हालांकि उन्होंने यह भी कहा कि हम चुनाव आयोग की नोटिस का पालन करेंगे.

बता दें, रिटायर होने के बाद एडमिरल प्रकाश गोवा में रहते हैं. उनको चुनाव आयोग ने नोटिस जारी करते हुए एसआईआर के तहत एक बैठक में उपस्थित होने और अपनी पहचान स्थापित करने के लिए कहा गया है. सोशल मीडिया पर भी लोग अब चुनाव आयोग पर सवाल खड़े कर रहे हैं कि जब पूर्व नौसेना प्रमुख का जीवन प्रमाण पत्र और पीपीओ पहले से ही सरकारी डेटाबेस पर उपलब्ध है तो एसआईआर टीम को और क्या चाहिए.

‘अनमैप’ की श्रेणी में आते हैं पूर्व एडमिरल?

चुनाव आयोग द्वारा दी गई नोटिस के बाद दक्षिण गोवा की जिला निर्वाचन अधिकारी एग्ना क्लीटस ने बताया कि एडमिरल प्रकाश ‘अनमैप’ की श्रेणी में आते हैं. उनका प्रपत्र आज सोमवार को देखा जाएगा. उनसे प्राधिकारी भी संपर्क करेंगे. प्रपत्र देखने के बाद जो भी सत्यापन करना होगा, किया जाएगा.

क्या बोले पूर्व नौसेना प्रमुख?

चुनाव आयोग से नोटिस मिलने के बाद पूर्व नौसेना प्रमुख प्रकाश ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’पर लिखते हुए जानकारी दी है. जिसमें बताया कि मुझे न तो किसी विशेष सुविधा की जरूरत है और न ही हमने कभी कोई ऐसी मांग की है. हम पति-पत्नी दोनों लोग एसआईआर प्रपत्र भरे थे. चुनाव आयोग की वेबसाइट पर गोवा की प्रारूप मतदाता सूची 2026 में अपना नाम भी देखा था. नाम देखकर काफी प्रसन्नता हुई. हम चुनाव आयोग की नोटिस का पालन करेंगे.

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BLO से की तीन बार मुलाकात

  • उन्होंने कहा कि मैं चुनाव आयोग को यह बताना चाहूंगा कि यदि SIR प्रपत्रों में अपेक्षित जानकारी नहीं मिल रही है तो उन्हें संशोधित किया जाना चाहिए.
  • BLO ने हमसे तीन बार मुलाकात की और अतिरिक्त जानकारी मांग सकता था.
  • हम 82/78 वर्ष के दंपत्ति हैं और हमें 18 किलोमीटर दूर दो अलग-अलग तारीखों पर उपस्थित होने के लिए कहा गया है.

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