ईरान युद्ध या फिर ‘टैरिफ बम’…भारत ने हर चुनौती को पीछे छोड़ा, पहली तिमाही में 7.8% रही GDP ग्रोथ

India GDP Growth: सांख्यिकी एवं कार्यक्रम कार्यान्वयन मंत्रालय के मुताबिक, भारत की जीडीपी इस साल की पहली तिमाही में 7.8 रही है जो रिजर्व बैंक के अनुमान 7.0 से कहीं अधिक है.
Indian GDP Growth

भारतीय अर्थव्यवस्था की रफ्तार

India GDP Growth: अमेरिका-ईरान की जंग समेत कई वैश्विक चुनौतियों के बावजूद भारतीय अर्थव्यवस्था सरपट भाग रही है. दरअसल, वित्त वर्ष 2026-27 की पहली तिमाही में भारतीय अर्थव्यवस्था उस आंकड़े तक पहुंच गई है, जहां सरकार को बड़ी राहत मिलती दिखाई दे रही है. सांख्यिकी एवं कार्यक्रम कार्यान्वयन मंत्रालय के मुताबिक, भारत की जीडीपी इस साल की पहली तिमाही में 7.8% रही है जो रिजर्व बैंक के अनुमान 7.0% से कहीं अधिक है. यही वजह है कि पहली तिमाही के आंकड़े आते ही पीएम नरेंद्र मोदी ने एक्स पर पोस्ट करके खुशी जाहिर की. साथ ही उन्होंने विरोधियों पर तंज भी कसा है.

पीएम मोदी ने एक्स पर पोस्ट करते हुए लिखा, ‘वित्त वर्ष 2026-27 की पहली तिमाही में भारत की 7.8% की शानदार GDP ग्रोथ बहुत बड़ी उपलब्धि है. हम सभी की सामूहिक ताकत ने यह सुनिश्चित किया कि वैश्विक अनिश्चितताओं, तेल की कीमतों में उतार-चढ़ाव और सप्लाई चेन की दिक्कतों के बावजूद भारत ने इस तरह की वृद्धि हासिल की है.’

निराशावादियों की हुई हार- पीएम मोदी

साथ ही पीएम मोदी ने विरोधियों पर तंज कसते हुए कहा, ‘निराशावादियों की हार हुई है और भारत ने एक बार फिर कामयाबी हासिल की है.’ बता दें कि अमेरिका-ईरान युद्ध के बीच तेल की बढ़ती कीमतों, एलपीजी सिलेंडर की कुछ महीने चली आंशिक दिक्कतों का हवाला देते हुए विपक्ष लगातार मोदी सरकार की नीतियों पर सवाल उठा रहा था. खासकर, कांग्रेस ने बार-बार मोदी सरकार को अर्थव्यवस्था के मोर्चे पर घेरने की कोशिश की.

ईरान युद्ध से तेल कीमतें हुईं प्रभावित

अमेरिका-ईरान युद्ध के बीच हॉर्मुज से भारतीय जहाजों को निकलने में अड़चनें आ रही थीं और क्रूड की बढ़ती कीमतों के कारण न केवल पेट्रोल-डीजल, बल्कि एलपीजी, सीएनजी सबके दाम में इजाफा होने से आम आदमी को परेशानियां होने लगी थीं. हालांकि, सरकार ने साफ किया था कि वह जरूरी कदम उठा रही है, जिससे लोगों को राहत मिले. फिलहाल, गैस सिलेंडर को लेकर परेशानी खत्म हो गई है.

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ट्रंप के टैरिफ ‘बम’ का निकला दम

दूसरी तरफ, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का टैरिफ को लेकर अड़ियल रवैया भी भारत की अर्थव्यवस्था की रफ्तार को रोकने में नाकाम रहा है. टैरिफ को लेकर ट्रंप के बदलते बयानों और ईरान के प्रति उनके आक्रामक रवैये ने वैश्विक अस्थिरता का माहौल बना दिया था. इसका असर भारत के शेयर बाजार पर भी पड़ा. हालांकि, इस युद्ध के बीच भी भारतीय अर्थव्यवस्था मजूबती से खड़ी रही और पिछले साल की समान तिमाही में जहां देश की जीडीपी 6.9 थी, वहीं इस साल ये रफ्तार बढ़कर 7.8% हो गई.

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