सोनम वांगचुक का अनशन तुड़वाने में कांग्रेस सांसद बने संकटमोचक, बातचीत से निकला रास्ता
सोनम वांगचुक
Sonam Wangchuk News: एक्टिविस्ट सोनम वांगचुक के लंबे अनशन के समाप्त होने के पीछे कई दिनों तक चली बातचीत और राजनीतिक स्तर पर हुए प्रयासों की बड़ी भूमिका रही है. सूत्रों के अनुसार, केंद्र सरकार और वांगचुक के बीच संवाद स्थापित करने में कांग्रेस सांसद विवेक तन्खा ने महत्वपूर्ण कड़ी का काम किया है. तन्खा वांगचुक के करीबी माने जाते हैं और पहले भी कानूनी मामलों में उनका साथ दे चुके हैं.
बताया जाता है कि प्रदर्शन के दौरान बिगड़ती स्वास्थ्य स्थिति और बढ़ते तनाव को देखते हुए सरकार की ओर से संपर्क साधने की कोशिशें तेज हुईं. इसके बाद वांगचुक ने अपनी कुछ प्रमुख मांगों को लिखित रूप में सरकार के सामने रखा है. इनमें शांतिपूर्ण प्रदर्शन में शामिल युवाओं के खिलाफ दंडात्मक कार्रवाई नहीं करने और उनकी चिंताओं पर गंभीरता से विचार करने की बात प्रमुख थी.
भरोसे के बाद खत्म किया अनशन
वांगचुक की मांगे मिलने के बाद केंद्रीय मंत्रियों जे.पी. नड्डा और जितेंद्र सिंह ने अस्पताल पहुंचकर वांगचुक से मुलाकात की. बातचीत के दौरान उन्हें भरोसा दिलाया गया कि उनकी चिंताओं पर उचित स्तर पर चर्चा होगी और संबंधित मुद्दों को आगे बढ़ाया जाएगा. इस आश्वासन के बाद समाधान की दिशा में सकारात्मक माहौल बन सका.
इसी बीच विभिन्न दलों के सांसदों के एक प्रतिनिधिमंडल ने भी वांगचुक से मुलाकात की. सांसदों ने उनसे स्वास्थ्य को प्राथमिकता देते हुए अनशन समाप्त करने की अपील की। उनका कहना था कि शिक्षा व्यवस्था में पारदर्शिता और सुधार की मांग अब राष्ट्रीय बहस का विषय बन चुकी है. इस लड़ाई को आगे भी लोकतांत्रिक तरीके से जारी रखा जा सकता है.
इन लोगों ने भी निभाई बड़ी भूमिका
लद्दाख से आए सामाजिक और सामुदायिक प्रतिनिधियों ने भी वांगचुक से मुलाकात कर अनशन खत्म करने का अपील की थी. कई दौर की बातचीत और सरकार की ओर से मिले लिखित आश्वासन के बाद उन्होंने अपना 26 दिन लंबा अनशन समाप्त करने का फैसला लिया. हालांकि उन्होंने स्पष्ट किया कि यह आंदोलन का अंत नहीं, बल्कि जवाबदेही सुनिश्चित करने की दिशा में एक नई शुरुआत है.
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