केतन की मौत का सदमा नहीं सह पाए दादा, 16 दिन बाद परिवार पर टूटा एक और दुख
केतन अग्रवाल के दादा की मौत
Ketan Agrawal grandfather Death: पुणे के चर्चित केतन अग्रवाल हत्याकांड के महज 16 दिन बाद ही केतन के परिवार पर एक बार फिर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है. परिवार अभी 26 साल के केतन अग्रवाल की मौत का दर्द अभी परिवार झेल ही रहा था कि उनके दादा देवीचंद अग्रवाल का भी निधन हो गया.
परिवार का कहना है कि पोते की हत्या के बाद से ही वह गहरे सदमे में थे. जब से केतन की मौत हुई और लगातार उनकी तबीयत बिगड़ती जा रही थी. इलाज के बावजूद उन्हें बचाया नहीं जा सका.
18 जून को हुई थी केतन की मौत
18 जून को केतन अग्रवाल की लोहागढ़ किले के पास संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हुई थी. जांच में पुलिस ने आरोप लगाया कि उनकी मंगेतर सिया गोयल और उसके कथित प्रेमी चेतन चौधरी ने मिलकर हत्या की साजिश रची और केतन को खाई में धक्का दे दिया. इस मामले में दोनों आरोपी पुलिस की गिरफ्त में हैं और जांच जारी है.
परिवार पर टूटा दुखों का पहाड़
केतन की मौत के बाद देवीचंद अग्रवाल पूरी तरह टूट गए थे. परिवार के लोगों के अनुसार, वह हर समय पोते को याद करते रहते थे. कुछ दिन पहले न्याय की मांग को लेकर निकाली गई कैंडल मार्च में भी उन्होंने हिस्सा लिया था. वहां उन्होंने भावुक होकर कहा था कि उनके परिवार के साथ बहुत बड़ा धोखा हुआ है और दोषियों को कड़ी से कड़ी सजा मिलनी चाहिए.
पोते की मौत के बाद से ही उनकी तबीयत लगातार खराब रहने लगी थी. उन्हें निजी अस्पताल के आईसीयू में भर्ती कराया गया, लेकिन आखिरकार उनका निधन हो गया. इस घटना ने अग्रवाल परिवार के दुख को और गहरा कर दिया है.
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