जन्मदिन पर मायावती ने भरी हुंकार, 2027 में अकेले लड़ेंगी चुनाव, ब्राह्मणों को साधने की पूरी तैयारी

UP News: मायावती ने कहा कि कांग्रेस, भाजपा और अन्य पार्टियां बसपा को कमजोर करने की कोशिश करती हैं, जिसका हमें जवाब देना होगा और पार्टी को सत्ता में वापस लाना होगा.
Former UP CM Mayawati

यूपी की पूर्व सीएम मायावती

Mayawati Birthday: बहुजन समाज पार्टी की प्रमुख और यूपी की पूर्व मुख्यमंत्री मायावती का आज गुरुवार, 16 जनवरी 2026 को 70वां जन्मदिन है. जन्मदिन के अवसर पर मायावती ने लखनऊ में प्रेस कॉन्फ्रेंस की और ब्राह्मणों की उपेक्षा को लेकर चिंता जताई है. उन्होंने अपनी सरकार के समय जनकल्याणकारी योजनाओं को लेकर बात की और कहा कि उनका जन्मदिन जनकल्याणकारी योजना के रूप में मनाया गया है.

मायावती ने प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान उत्तर प्रदेश में हो रही ब्राह्मणों की उपेक्षा को लेकर बात की और कहा कि हमारे समाज ने ब्राह्मण समाज को उचित भागीदारी दी है. इसलिए ब्राह्मण समाज को भाजपा, सपा और कांग्रेस के बहकावे में आने से बचना चाहिए. ब्राह्मणों को बाटी चोखा नहीं चाहिए. उन्होंने कहा कि हमारी सरकार बनने पर ब्राह्मणों की चाहत पूरी की जाएगी. मायावती ने इस दौरान क्षत्रिय समाज को लेकर भी बात की और कहा कि क्षत्रियों समेत अन्य सभी समाजों की सुरक्षा का ध्यान हमारी सरकार में रखा जाएगा. हमारी सरकार ने कभी भी धार्मिक स्थल मंदिर, मस्जिद और चर्च को कभी नुकसान नहीं होने दिया.

बसपा ने हर किसी का रखा ध्यानः मायावती

  • मायावती ने कहा, “कांग्रेस, भाजपा और अन्य पार्टियां पार्टी को कमजोर करने की कोशिश करती हैं, जिसका हमें जवाब देना होगा और पार्टी को सत्ता में वापस लाना होगा.” इस अवसर पर, पार्टी के वरिष्ठ सदस्य, विशेष रूप से, उत्तर प्रदेश में मेरे नेतृत्व में बसपा सरकार के चार कार्यकालों के दौरान आम जनता के लाभ के लिए शुरू की गई जन कल्याणकारी योजनाओं के बारे में बात करते हैं.
  • ये योजनाएं केवल सरकारी फाइलों में दर्ज नहीं की गईं, जैसा कि अक्सर कांग्रेस, भाजपा और अन्य विपक्षी दलों की सरकारों के साथ होता है, बल्कि इन्हें जमीनी स्तर पर लागू भी किया गया. परिणामस्वरूप, उत्तर प्रदेश में समाज के सभी वर्गों, विशेष रूप से गरीबों, मजदूरों, बेरोजगारों और किसानों की स्थिति में उल्लेखनीय सुधार हुआ है.
  • हमारी पार्टी की सरकार ने देश के दलित और अन्य पिछड़े समुदायों में जन्मे महान संतों, गुरुओं और प्रतिष्ठित हस्तियों, विशेष रूप से महात्मा ज्योतिराव फुले, श्री छत्रपति शाहूजी महाराज को विभिन्न स्तरों पर पूर्ण सम्मान दिया है. कई नए जिलों का नाम उनके नाम पर रखा गया है, और आम जनता के लाभ के लिए अनगिनत योजनाएं शुरू की गई हैं, जिनकी नकल अब विपक्षी सरकारें अपने राजनीतिक लाभ के लिए कर रही हैं. इन समुदायों के प्रति उनकी सोच और इरादे हमेशा से ही वे पाखंडी रहे हैं, और इस संबंध में कुछ भी नहीं बदला है.”

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2027 विधानसभा चुनाव अकेले लड़ेगी बसपा

मायावती ने विधानसभा चुनाव 2027 को लेकर कहा कि वह किसी बैशाखी के दम पर चुनाव नहीं लडेंगी. इस बार पार्टी अपनी विचारधारा के साथ अकेले चुनावी मैदान में उतरेगी. पार्टी के कैडर के लोग किसी भ्रम में न रहें. किसी भी राजनीतिक दल से न तो गठबंधन होगा और न ही कोई चुनावी समझौता किया जाएगा. क्योंकि बसपा की ताकत उसका कैडर, उसका संगठन और उसकी विचारधारा है. हम इसी के दम पर मेहनत करेंगे और चुनाव लडे़ंगे.

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