‘शिंदे ने ताज होटल को जेल बना दिया…’, मुंबई में मेयर पर सस्पेंस के बीच संजय राउत बोले- हमारे संपर्क में कई पार्षद

BMC Politics: शिवसेना (उद्धव गुट) के नेता संजय राउत ने प्रेसवार्ता कर महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस और उप मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे पर गंभीर आरोप लगाए हैं.
Sanjay Raut

संजय राउत

Sanjay Raut On Mumbai Mayor: मुंबई में बीएमसी चुनाव में शिवसेना (उद्धव गुट) की करारी हार हुई है. मुंबई का मेयर कौन होगा. अभी यह क्लियर नहीं हो पाया है लेकिन शिवसेना (उद्धव गुट) के नेता संजय राउत ने एक बयान देकर सियासी गर्मी को बढ़ा दिया है. उन्होंने प्रेसवार्ता कर महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस और उप मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे पर गंभीर आरोप लगाए हैं. इससे पहले उद्धव ठाकरे ने भी एक बयानबाजी कर सियासी हलचल को बढ़ा दिया था. उन्होंने कहा कि अगर ‘देव’ चाहें तो मुंबई का मेयर शिवसेना (उद्धव गुट) का ही होगा.

शिवसेना (यूबीटी) सांसद संजय राउत ने कहा, “इस गठबंधन (भाजपा-शिवसेना) से आए पार्षदों को अपहरण, धमकी या नुकसान के डर से ताज होटल में बंधक बनाकर रखा गया है. एकनाथ शिंदे ने ताज होटल को जेल बना दिया है. उन्हें वहां बंधक बनाए गए उनतीस या पच्चीस लोगों को तुरंत रिहा करना चाहिए. उन्हें डर के मारे वहां रखा गया है. कई लोग हमारे संपर्क में हैं. मुंबई में भाजपा का मेयर कौन चाहता है? यहां तक ​​कि एकनाथ शिंदे भी यह नहीं चाहते.” संजय राउत के इस बयान के बाद सियासी हलचल एक बार फिर तेज हो गई है.

महायुति का बन सकता है मेयर

  • बीएमसी चुनाव में कुल 227 वार्डों पर चुनाव हुआ. जिसमें भाजपा सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरी है. भाजपा को 89 सीटें मिली हैं. लेकिन बहुमत के लिए 114 के आंकड़े को छूना होगा. ऐसे में भाजपा अपने दम पर मेयर बनाने की स्थिति में नहीं है. उसे मेयर के लिए गठबंधन की जरूरत है.
  • शिवसेना (शिंदे) ने भी इस चुनाव में 29 सीटों पर जीत दर्ज की है. ऐसे में अगर सबकुछ सही रहा तो मुंबई का मेयर महायुति का ही बनेगा. क्योंकि भाजपा और शिवसेना मिलाकर 118 पार्षद हो जाते हैं, जो बहुमत से 4 ज्यादा है.

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कौन बनेगा मुंबई का मेयर?

महायुति की सीधी लड़ाई शिवसेना (उद्धव गुट) से है. शिवसेना (उद्धव गुट) के पास 65 पार्षद हैं, जो बहुमत के आंकड़े से बहुत कम है. ऐसे में अगर कांग्रेस के 24, मनसे के 6, एनसीपी शरद पवार गुट के 1, एआईएमआईएम के 8 और सपा के दो पार्षद आ भी जाते हैं तो बहुमत नहीं मिलेगी. यानी अगर महाविकास अघाड़ी को मुंबई का मेयर अपना बनाना है तो महायुति के कुछ पार्षदों को अपने पाले में करना ही पड़ेगा. अब देखना यह होगा कि मुंबई नगर पालिका पर किसका कब्जा होता है.

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