तमिलनाडु में कैसे बदली सत्ता? SIR पर सियासी घमासान के बीच चिदंबरम का बड़ा बयान

Tamil Nadu Power Shift SIR: देशभर में इस समय एसआईआर को लेकर घमासान मचा हुआ है. इन सब के बीच कांग्रेस नेता पी चिदंबरम के बयाने स‍ियासी पारा और हाई कर द‍िया है.
BJP criticises P Chidambaram’s article, says Congress defending its ‘rajkumar’

पी चिदंबरम (File photo)

Chidambaram Statement: देशभर में इस समय SIR को लेकर जमकर विरोध देखने को मिल रहा है. कांग्रेस समेत तमाम विपक्षी दल इस पूरी प्रक्रिया पर ही सवाल उठा रहे हैं. इसके साथ ही मांग कर रहे हैं कि इस पर तत्काल प्रभाव से रोक लगाई जाए. राहुल गांधी ने तो यहां तक आरोप लगा दिया कि इसी की मदद से बीजेपी सत्ता में आई है. पूरे घमासान के बीच पी चिदंबरम के बयान ने कई सवाल खड़े कर दिए हैं. 

तमिलनाडु विधानसभा चुनाव के नतीजों को लेकर जारी SIR विवाद के बीच कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और पूर्व केंद्रीय मंत्री पी. चिदंबरम ने बड़ा बयान दिया है. उन्होंने कहा कि तमिलनाडु में टीवीके की जीत और डीएमके की हार को केवल वोटर लिस्ट से नाम हटाए जाने या कथित वोट चोरी से जोड़ना सही नहीं होगा.

शिवगंगा में मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ प्रदर्शन के दौरान मीडिया से बातचीत के दौरान चिदंबरम ने यह बात कही है. चिदंबरम ने दावा किया कि अलग-अलग राज्यों में SIR के दौरान बड़ी संख्या में मतदाताओं के नाम सूची से हटाए गए.

तमिलनाडु से कितने वोटर हटाए गए?

पी. चिदंबरम के मुताबिक पहले चरण में करीब 65 लाख, दूसरे चरण में 6.50 करोड़ और तीसरे चरण में करीब 6.10 करोड़ नाम हटाए गए. इस तरह कुल करीब 13.30 करोड़ नाम हटाए जाने का उन्होंने दावा किया. उन्होंने सवाल उठाया कि इतने बड़े पैमाने पर नाम हटाने की प्रक्रिया में पारदर्शिता को लेकर स्थिति स्पष्ट क्यों नहीं है.

चिदंबरम ने SIR मामले पर क्‍या-क्‍या कहा?

पश्चिम बंगाल का उदाहरण देते हुए चिदंबरम ने कहा कि SIR के दौरान हटाए गए करीब 22 लाख लोगों ने अपील की है. उनके अनुसार छह महीने में लगभग 1.26 लाख अपीलों का निपटारा हुआ, जिनमें करीब 91 फीसदी मामलों में मतदाताओं के नाम दोबारा सूची में शामिल किए गए. उन्होंने इसे मतदाता सूची की प्रक्रिया में गंभीर खामी बताया है.

हालांकि तमिलनाडु के चुनाव को लेकर चिदंबरम ने साफ किया कि SIR को ही चुनावी नतीजे की वजह बताना उचित नहीं है. उन्होंने कहा कि मतदाता सूची में गलतियां सामने आ सकती हैं, लेकिन यह साबित करना अलग बात है कि उन्हीं गलतियों के कारण किसी पार्टी की जीत या हार हुई.

चिदंबरम ने महाराष्ट्र, हरियाणा और कर्नाटक समेत अन्य राज्यों में भी मतदाता सूची को लेकर उठे सवालों का जिक्र किया. साथ ही उन्होंने SIR की प्रक्रिया और चुनाव आयोग के फैसलों को लेकर विपक्ष की आपत्तियों को दोहराया.

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