Parliament Budget Session: अमेरिका की नजर हमारे डेटा पर, लोकसभा में बोले राहुल गांधी

Parliament Budget Session: केंद्रीय बजट पर विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने लोकसभा में अपनी बात रखी है. यहां जानें क्या बोले राहुल गांधी?
rahul gandhi Parliament Budget Session

लोकसभा में राहुल गांधी

Parliament Budget Session: लोकसभा में केंद्रीय बजट पर चर्चा का आज बुधवार को दूसरा दिन है. विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने मार्शल आर्ट के दांव-पेंच को लेकर अपनी बात की शुरुआत की. इस दौरान उन्होंने एआई को लेकर भी अपनी बात रखी. जानिए लोकसभा में क्या बोले राहुल गांधी?

संसद में लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष और कांग्रेस सांसद राहुल गांधी ने कहा, “मैं आर्थिक सर्वे देख रहा था और मुझे उसमें दो बातें मिलीं, ठोस बातें, गहरी बातें जो मुझे पसंद आईं. पहली बात, कि हम एक ऐसी दुनिया में रह रहे हैं जहां भू-राजनीतिक टकराव बढ़ रहा है. अमेरिका के दबदबे को चीन, रूस, और दूसरी ताकतें चुनौती दे रही हैं. दूसरी बात यह है कि हम ऊर्जा और वित्तीय हथियारों की दुनिया में रह रहे हैं.”

डेटा की सुरक्षा का उठाया मुद्दा

राहुल गांधी ने डेटा की सुरक्षा को सबसे अहम बताया. उन्होंने कहा, भारत के लोगों के पास सबसे ज्यादा डेटा है. हमारे लोगों के टैलेंट, सोच पर कब्जे की कोशिश की जा रही है. हमारे डेटा पर यूएस और चीन की नजर है. प्रधानमंत्री ने कुछ समय पहले कहा, कि युद्ध का दौर खत्म हो गया है. असल में, हम युद्ध के दौर में जा रहे हैं. आप देख सकते हैं कि यूक्रेन में युद्ध है, गाजा में युद्ध था, मिडिल ईस्ट में युद्ध है, ईरान में युद्ध का खतरा है. हमने ऑपरेशन सिंदूर किया था. तो हम अस्थिरता की दुनिया में जा रहे हैं.

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टैरिफ को लेकर भी की बात

राहुल गांधी ने कहा, बजट में जरूरी चीजों का कोई प्रावधान नहीं है. बजट में डेटा से जुड़ा भी कुछ नहीं है. अमेरिका को सुपर पावर और अपने डॉलर का वर्चस्व बनाए रखने के लिए भारतीय डेटा की अहम भूमिका है. यह हमारी ताकत है, डेटा काफी महत्वपूर्ण है. इसके अलावा राहुल गांधी ने टैरिफ को लेकर भी बात की है. उन्होंने कहा कि बांग्लादेश अगर टेक्सटाइल्स प्रोडक्ट का एक्सपोर्ट करता है, उस पर जीरो टैरिफ है. वहीं हमारी टेक्सटाइल्स इंडस्ट्री गई, अमेरिका का निर्यात बढ़ा, लेकिन हमें क्या मिला? ट्रंप ने टैरिफ बढ़ा दिया. भारत तेल कहां से खरीदे, अब क्या यह अमेरिका तय करेगा. ऐसा किसी प्रधानमंत्री ने नहीं किया. एक सुपरपावर का युग खत्म हो गया है. सरकार को शर्म आनी चाहिए.

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