‘कांग्रेस पश्चिम बंगाल को PAK का हिस्सा बनाना चाहती थी’, PM मोदी बोले- सियासी एजेंडों से इतिहास का व्हाइट वॉश किया

पीएम मोदी ने कहा कि एजेंडा चलाकर बंगाल के इतिहास को नष्ट करने की कोशिश की गई. उन्होंने कहा, 'जिस भावना से बंगाल को बचाया गया था. उसी के साथ आगे बढ़ाने के जरुरत थी. लेकिन दुर्भाग्य से उल्टा काम हुआ. सियासी एजेंडों के कारण इतिहास का व्हाइट वॉश किया गया.'
Prime Minister Narendra Modi addressed a public meeting in Hooghly

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने हुगली में जनसभा को संबोधित किया.

PM Modi: पश्चिम बंग दिवस के मौके पर हुगली जिले में कार्यक्रम का आयोजन किया गया. तारकेश्वर में कार्यक्रम को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री मोदी ने कांग्रेस पर जमकर हमला बोला. पीएम मोदी ने कहा कि आजादी के समय कांग्रेस पूरे बंगाल को पाकिस्तान के साथ मिलाना चाहती थी. लेकिन यहां के लोगों ने कांग्रेस के मंसूबों को पूरा नहीं होने दिया.

‘रक्तपात के बाद भी बंगाल ने अपनी अस्मिता खोने नहीं दी’

पीएम मोदी ने कहा, ‘हमारे बंगाल ने क्या कुछ नहीं सहा है. कितने बलिदान दिए. कितने त्याग किए. 1946 में कोलकाता में हिंस्सा हुई. कितने निर्दोष बंगाली मानुष, बंगाल के लोग उसकी भेंट चढ़ गए. बंगाल ने रक्तपात सहा है. बंगाल ने अपनों को खोया. अपनी मातृभूमि के टुकडे़ होते देखे. लेकिन बंगाल ने अपनी अस्मिता और पहचान को नष्ट नहीं होने दिया. इसी का परिणाम था जब पूरे बंगाल को भारत से अलग रोने की साजिश हो रही थी. तब अलग पश्चिम बगाल बनाकर उन मंसूबों को कामयाब नहीं होने दिया. यहां की हजारों वर्षों की सभ्यता संस्कृति बच गए. आज पश्चिम बंगाल के रूप में ना केवल सुरक्षित हैं.

‘नई पीढ़ियों को बंग दिवस के बारे में जानना जरूरी है’

पीएम मोदी ने आगे कहा, ‘पश्चिम बंग दिवस के रूप में एक तारीख को याद नहीं कर रहे हैं. हम पूरे इतिहास को याद कर रहे हैं. हम हजारों साल पुरानी बंगाल की विरासत को नमन कर रहे हैं. आज की पीढ़ियों को हमे बार बंग दिवस के बारे में जरूर बताना चाहिए. उस दौरान क्या हो रहा था. नई पीढ़ियों को जानना जरूरी है. जब बंगाल को बांटने की कोशिश हुई, तब कांग्रेस उन षड़यंत्रकारियों के आगे घुटने टेके हुई थी. तभी श्यामा प्रसाद मुखर्जी ने आवज उठाई. उन्होंने घोषणा की थी पूरा बंगाल पाकिस्तान का हिस्सा नहीं बनेगा. इसलिए लिए बंगाली हिंदू होम लैंड मूवमेंट का श्याम प्रसाद मुखर्जी के नेतृत्व में हुआ. प्रसिद्ध वैज्ञानिक मेघनाथ साहा, इतिहासकार आरसी माजूमदार, जदुनाथ सरकार और सुनीति कुमार चट्टोपाध्याय समेत तमाम प्रबुद्ध ओर प्रसिद्ध लोग इस मूवमेंट का हिस्सा बने. मतुआ लीडर पीआर ठाकुर ने आगे आकर इसको समर्थन दिया.

अखबारों में लेख लिखे गए. किस्से, कहानी लिखे गए. बंगाल की जिस आवाज को मजहबी एजेडों के द्वारा दबाया जा रहा था. वो स्वर मुखर हो गए. इसका नतीजा था कि बंगाल को भारत से तोड़ना नामुमकिन हो गया. पश्चिम बंगाल के साथ ये हिस्सा मां भारती के साथ रह गया.’

‘सियासी एजेंडों के कारण इतिहास का व्हाइट वॉश हो गया’

पीएम मोदी ने कहा कि एजेंडा चलाकर बंगाल के इतिहास को नष्ट करने की कोशिश की गई. उन्होंने कहा, ‘जिस भावना से बंगाल को बचाया गया था. उसी के साथ आगे बढ़ाने के जरुरत थी. लेकिन दुर्भाग्य से उल्टा काम हुआ. सियासी एजेंडों के कारण इतिहास का व्हाइट वॉश किया गया. जो कांग्रेस बंटवार के समय बंगाल को लावारिस छोड़ना चाहती थी. बचे हुए बंगाल में तुष्टिकरण का खेल शुरू कर दिया. इतिहास को दबाया गया. श्यामा प्रसाद के विचारों को खत्म करने की कोशिशें होती रहीं. स्वामी विवेकानंद, सुभाष चंद्र बोस, ईश्वर चंद्र विद्यासागर, रवींद्रनाथ टैगोर, बंकिम चंद्र चट्टोपाध्याय जैसे महापुरुषों को दरकिनार किया गया. पहले कांग्रेस, फिर लेफ्ट और फिर टीमसी ने दशकों तक बंगाल को सजाने संवारने की जगह अवैध घुसपैठियों का अड्डा बना दिया.’

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