मोदी से मुलाकात के बाद बदला सुखबीर बादल का सुर, क्या फिर साथ आएंगे बीजेपी-अकाली दल?
सुखवीर सिंह बादल की पीएम मोदी से मुलाकात
Sukhbir Singh Badal: शिरोमणि अकाली दल (SAD) और बीजेपी के बीच एक बार फिर राजनीतिक नजदीकियों की चर्चा तेज हो गई है. SAD प्रमुख सुखबीर सिंह बादल ने पीएम मोदी से मुलाकात के बाद बड़ा फैसला किया है. मुलाकात के अगले ही दिन अकाली दल ने परिसीमन और महिला आरक्षण को लेकर ऐसा रुख अपनाया, जिसने पंजाब की सियासत में नई अटकलों को जन्म दे दिया है.
अकाली दल ने अब केंद्र की उस पहल का समर्थन किया है, जिसमें राज्यों में लोकसभा और विधानसभा सीटों की संख्या बढ़ाने का प्रस्ताव है.पार्टी का कहना है कि परिसीमन की प्रक्रिया ऐसी होनी चाहिए, जिससे सभी राज्यों को समान और न्यायसंगत प्रतिनिधित्व मिले.SAD ने महिला आरक्षण को भी जल्द लागू करने की मांग की है.
सुखवीर बादल ने सोशल मीडिया पर क्या लिखा?
सुखबीर बादल ने पार्टी की वरिष्ठ नेताओं की बैठक के बाद सोशल मीडिया पर अपना पक्ष रखा है. उन्होंने कहा कि महिलाओं को राजनीतिक प्रतिनिधित्व देने की व्यवस्था को बिना देरी लागू किया जाना चाहिए. इसके साथ ही पार्टी ने राज्यों की सीटों में समान रूप से 50 प्रतिशत वृद्धि के प्रस्ताव का समर्थन किया है.
हालांकि, अकाली दल का यह बदला हुआ रुख इसलिए अहम माना जा रहा है क्योंकि कुछ महीने पहले पार्टी ने परिसीमन के प्रस्ताव का विरोध किया था. उस समय SAD का तर्क था कि नए परिसीमन से पंजाब को अपेक्षित लाभ नहीं मिलेगा. दूसरे राज्यों की तुलना में उसकी राजनीतिक हिस्सेदारी प्रभावित हो सकती है.पार्टी ने विपक्ष के साथ खड़े होकर प्रस्ताव का विरोध भी किया था.
अब 50 प्रतिशत सीट बढ़ाने की बात का समर्थन करने के बाद SAD ने अपने पुराने रुख से दूरी बनाई है.राजनीतिक जानकार इसे बीजेपी के साथ रिश्तों में नरमी के संकेत के तौर पर देख रहे हैं.
कब टूटा था गठबंधन?
दरअसल, 2020 में कृषि कानूनों को लेकर बीजेपी और अकाली दल का लंबे समय से चला आ रहा गठबंधन टूट गया था. इसके बाद दोनों दलों ने 2022 का पंजाब विधानसभा चुनाव और 2024 का लोकसभा चुनाव अलग-अलग लड़ा.2024 में बीजेपी पंजाब में एक भी लोकसभा सीट नहीं जीत सकी, जबकि SAD के खाते में सिर्फ एक सीट आई.
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