क्या भारत कराएगा ईरान और अमेरिका में मध्यस्थता? राजनाथ सिंह के बयान से क्यों हो रही चर्चाएं
राजनाथ सिंह
Rajnath Singh Germany: जर्मनी की राजधानी बर्लिन में भारतीय समुदाय को संबोधित करते हुए रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने पश्चिम एशिया संकट पर चर्चा की. इस दौरान उन्होंने भारत की कूटनीतिक भूमिका, विदेशों में फंसे भारतीयों की वापसी और देश की डिजिटल ताकत पर बड़ा बयान दिया है. उन्होंने कहा कि सही समय आने पर भारत शांति स्थापित कराने में अहम भूमिका निभा सकता है.
राजनाथ सिंह ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने दोनों पक्षों से युद्ध समाप्त करने की अपील की है. भारत का रुख पूरी तरह संतुलित रहा है. उन्होंने कहा कि भारत ऐसे देशों में है, जिसे इस संकट का सबसे कम असर पड़ा है और ऊर्जा, कच्चा तेल व LPG का पर्याप्त भंडार मौजूद है.
भारत निभाएगा मध्यस्थता की भूमिका- राजनाथ
रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कहा कि भारत ने कोशिश की है. लेकिन, हर चीज़ का एक सही समय होता है. हो सकता है कि कल ऐसा समय आए जब भारत इसमें अपनी भूमिका निभाए और सफल भी हो. हम इस संभावना से इनकार नहीं कर सकते है. प्रधानमंत्री ने दोनों पक्षों से युद्ध खत्म करने की अपील की है. कूटनीतिक मामलों में हमारे प्रधानमंत्री का नजरिया बहुत संतुलित है.”
क्यों है राजनाथ सिंह का बयान खास?
राजनाथ सिंह का यह बयान ऐसे समय आया है, जब पाकिस्तान में अमेरिका और ईरान के बीच बातचीत की कोशिशें खास कामयाब नहीं हो पाईं हैं. इसके साथ ही ईराने ने भी पाकिस्तान पर ठीक से मध्यस्थता ना करा पाने का आरोप लगाया है.राजनाथ सिंह ने यह भी साफ किया कि कूटनीतिक मामलों में भारत का रुख संतुलित रहा है.
कई देशों को UPI उपलब्ध करा रहा भारत- राजनाथ
डिजिटल इंडिया की उपलब्धियों का जिक्र करते हुए रक्षा मंत्री ने कहा कि भारत अब रियल-टाइम डिजिटल ट्रांजैक्शन का वैश्विक केंद्र बन चुका है. सिर्फ मार्च महीने में 22.64 अरब UPI ट्रांजैक्शन हुए, जिनकी कुल कीमत 29.53 लाख करोड़ रुपये रही है. उन्होंने कहा कि भारत कई देशों को UPI सुविधा भी उपलब्ध करा चुका है.
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