UP चुनाव 2027 में SIR दिलाएगा टिकट? बीजेपी ने दो दिन में 95% आपत्तियां और दावे किए दाखिल

UP Politics: SIR को लेकर जहां विपक्ष सरकार पर हमलावर थी तो वहीं दावा-आपत्तियों में सबसे सक्रिय सत्ता दल भाजपा ही नजर आ रही है.
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यूपी में एसआईआर को लेकर भाजपा एक्टिव

UP SIR: उत्तर प्रदेश में विशेष मतदाता पुनरीक्षण (SIR) का कार्य पूरा हो चुका है. अब दावा-आपत्तियों का दौर शुरू हो गया है. 2027 में विधानसभा चुनाव भी हैं, इसको लेकर सभी दल अपने वोटरों का नाम ना कटे, इसके लिए काफी सक्रिय हैं. SIR को लेकर जहां विपक्ष सरकार पर हमलावर थी तो वहीं दावा-आपत्तियों में सबसे सक्रिय सत्ता दल भाजपा ही नजर आ रही है. पहले दो दिन में 95% आपत्तियां और दावे भाजपा की ओर से दाखिल किए गए हैं.

SIR को लेकर भाजपा का केंद्रीय और प्रदेश नेतृत्व दोनों शुरुआत से ही काफी एक्टिव रहे हैं. इसके लिए भाजपा ने अपने नेताओं को कार्यशाला आयोजित कर प्रशिक्षित भी किया. गांव-गांव जाकर सभी नेताओं की अपने स्तर पर जिम्मेदारी तय कर दी गई थी, ताकि कोई पात्र व्यक्ति का नाम सूची से न कटने पाए.

प्रदेश और केंद्रीय नेतृत्व ने चिंता जताई

बीजेपी ने प्रदेश से लेकर निचले स्तर के पदाधिकारियों, मंत्रियों, सांसदों, विधायकों की एसआईआर में जिम्मेदारी तय की है. इसके बावजूद बड़ी संख्या में मतदाता कम हुए, जिसको लेकर प्रदेश और केंद्रीय नेतृत्व ने चिंता जताई है. खुद यूपी के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ एसआईआर को लेकर कई बार चिंता जता चुके हैं.

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2027 विधानसभा चुनाव को लेकर एक्टिव BJP

SIR में बड़ी संख्या में लोगों के नाम कटने पर भाजपा पूरी तरह से एक्टिव हो गई है. शीर्ष नेतृव्य खासतौर से विधायकों और मंत्रियों की निगरानी कर रहा है कि वे एसआईआर को लेकर कितना एक्टिव हैं. इसकी विधिवत रिपोर्ट तैयार कर केंद्रीय नेतृत्व तक भेजी जाएगी. विधानसभा चुनाव 2027 को लेकर भी SIR की अहम भूमिका रहेगी. यानी अगर कोई इस दौरान सख्ती नहीं बरती तो तो उनके लिए 2027 में टिकट की राह बहुत मुश्किल हो सकती है.

सीएम ने गिनाए थे कई विधानसभा के नाम

SIR में नाम कटने को लेकर सीए योगी आदित्यनाथ बैठक भी कर चुके हैं. इस दौरान उन्होंने कई विधानसभा के नाम गिनाए थे. जिसमें लखनऊ उत्तरी, लखनऊ दक्षिणी, लखनऊ कैंट, हरदोई, मिल्कीपुर, लखीमपुर और आगरा दक्षिणी समेत कई विधानसभाएं शामिल हैं. निर्वाचन आयोग के अनुसार लखनऊ में 30.04% वोट कटे हैं.

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