सरकार ने सोनम वांगचुक की कौन सी मांगें मानी? जिसके बाद खत्म किया उन्‍होंने अपना अनशन

Sonam Wangchuk Hunger Strike: सोनम वांचगुक ने अपना आमरण अनशन खत्म कर द‍िया है. सरकार की तरफ से मिले आश्वासन के बाद उन्होंने यह फैसला लिया है. 
सोनम वांगचुक ने किया अनशन खत्‍म

सोनम वांगचुक ने किया अनशन खत्‍म

Sonam Wangchuk Hunger Strike: एक्टिविस्ट सोनम वांगचुक ने आखिरकार 26 द‍िनों से चल रहा अपना आमरण अनशन खत्म कर द‍िया है. सरकार की तरफ से केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा और जितेंद्र स‍िंह ने गुरुग्राम के मेदांता अस्पताल पहुंचकर गुरुवार रात करीब 12:30 बजे अनशन खत्‍म कराया. इस अनशन को खत्म करने के पहले वांगचुक ने सरकार के सामने तीन मांगे रखी जिनपर सरकार ने भी सहमति जाहिर की है.

सरकार और वांचगुक के बीच पिछले कई दिनों से बातचीत का दौर जारी था. कुल मिलाकर अब तक उनसे 70 से ज्यादा सांसद उनसे मुलाकात कर चुके थे. सभी ने उनसे अनशन खत्म करने की अपील की थी.

किन मांगों के बाद वांगचुक ने तोड़ा अनशन?  

सोनम वांगचुक ने सरकार के सामने तीन मांगे रखी. हालांकि इसमें शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा शामिल नहीं है. जो अनशन की शुरुआत में प्रमुख मुद्दा हुआ करता था. जान लीजिए वो तीन मांगे.

पहला: सरकार जंतर-मंतर पर शांतिपूर्वक प्रदर्शन कर रहे छात्रों और 20 मार्च को संसद मार्च में शामिल छात्रों के खिलाफ केस दर्ज नहीं करेगी. मतलब अब तक जो केस दर्ज किए गए हैं. उन्हें भी खारिज करना होगा.

दूसरा: पेपर लीक के कारण जिन छात्रों ने आत्महत्या की है, उनके परिजनों को उचित मुआवजा दिया जाएगा. शुरुआत में वांगचुक ने मांग की थी कि उन परिवारों को 1 करोड़ रुपये का मुआवजा दिया जाए.

तीसरा: सरकार पेपर लीक और परीक्षाओं में जवाबदेही तय करने के मुद्दे पर संसद में बहस कराएगी, ताकि आगे से ऐसा न हो और जो हुआ है उसकी जवाबदेही तय हो. हालांकि इस बात पर पीएम मोदी पहले ही वीड‍ियो और मैसेज में अपनी सहमति जाहिर कर चुके थे.

धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे पर क्या हुआ?

सरकार की तरफ से बातचीत के लिए आए प्रतिनिधिमंडल की तरफ से धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे पर अब तक कोई आश्वासन नहीं दिया गया है. वांगचुक ने कहा कि ऐसे में मेरे सामने केवल दो रास्ते थे या तो हफ्तों तक अनशन पर बैठा रहूं और खत्म हो जाऊं. हजारों लोग कह रहे हैं कि मेरी जान जरूरी है, आगे भी संघर्ष करना है. यही वजह है कि मैं अपना अनशन खत्म करने के लिए मान गया.

अनशन खत्म करने के बाद वांगचुक ने कहा कि 26 दिन बाद उन्हें पहली बार कुछ खाने को मिला है और यह स्वाद बहुत अच्छा लग रहा है, लेकिन भूख का अपना कोई स्वाद नहीं होता.

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