जंतर-मंतर पर वांगचुक के समर्थन में जुटी भीड़, क्या आज खत्म होगा आमरण अनशन? जानिए सरकार से क्या हैं 3 मांगें
जंतर-मंतर पर पहुंची भारी भीड़
Sonam Wangchuk: देश की राजधानी के जंतर-मंतर पर पिछले 25 दिनों से प्रदर्शन जारी है. सोनम वांगचुक करीब 23 दिनों से अनशन पर बैठे हुए हैं. हालांकि शनिवार को पुलिस ने उन्हें अस्पताल में भर्ती करा दिया. इसके बाद सोनम के समर्थन में भारी भीड़ जंतर मंतर पहुंच रही है. सोमवार सुबह तक हजारों की संख्या में लोग जंतर-मंतर पर मौजूद हैं.
जंतर-मंतर पर लोगों की सीजेपी के संसद मार्च के लिए जुटी है. CJP सुबह 9 बजे जंतर-मंतर से संसद तक ‘चलो संसद’ मार्च निकालेगी. दिल्ली पुलिस का कहना है कि मार्च के लिए कोई अनुमति नहीं ली गई है. दूसरी तरफ 23 दिनों से भूख हड़ताल पर बैठे सोनम वांगचुक ने कहा कि वे तीन शर्तों पर अनशन खत्म करेंगे, मतलब यह कि अब किसी भी सोनम का अनशन खत्म हो सकता है.
संसद मार्च से पहले वांगचुक का सोशल मीडिया पोस्ट
सोनम वांगचुक ने संसद मार्च से पहले सोमवार सुबह करीब 6 बजे सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर पोस्ट किया और अनशन तोड़ने के लिए 3 शर्तें रखीं हैं. वांगचुक ने कहा कि वे 20 जुलाई को अपना अनशन तभी खत्म करेंगे, जब इनमें से कोई एक शर्त पूरी होगी.
वांगचुक ने कहा कि उनकी पहली शर्त है कि सरकार शिक्षा व्यवस्था की विफलताओं और पेपर लीक जैसे मामलों की जिम्मेदारी स्वीकार करे. दूसरी, वे और CJP का प्रतिनिधिमंडल संसद तक पहुंचे और वहां सांसद और विभिन्न दलों के नेता भरोसा दें कि इस मुद्दे को संसद में उठाएंगे.
WHEN WILL I END THE FAST….!
— Sonam Wangchuk (@Wangchuk66) July 20, 2026
Not withstanding my health my fast continues till after the Sansad Chalo March, and will be broken only under the following circumstances… pic.twitter.com/kaOGx2Nk4T
तीसरी, अगर स्वास्थ्य या किसी अन्य वजह से वांगचुक संसद नहीं जा सके, तो अलग-अलग दलों के सांसद सफदरजंग अस्पताल आकर यही आश्वासन दें.वांगचुक ने यह भी आरोप लगाया कि उन्हें सफदरजंग अस्पताल में अवैध रूप से रोका गया है, जहां उनकी आवाजाही, अभिव्यक्ति और संवाद की स्वतंत्रता पर पाबंदी है.
अभिजीत दीपके ने क्या कहा?
कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के फाउंडर अभिजीत दीपके ने संसद मार्च से पहले कहा कि हमारी ओर से कोई भी गलत काम नहीं करेगा. यह हमारी जिम्मेदारी है कि यह प्रदर्शन और संसद मार्च पूरी तरह शांतिपूर्ण रहे. हम पिछले एक महीने से यहां बैठे हैं.
संसद मार्च को लेकर क्या अपडेट है?
‘कॉकरोच जनता पार्टी (CJP)’ और छात्र संगठनों ने 20 जुलाई को संसद मार्च का आह्वान किया है. हालांकि दिल्ली पुलिस ने संसद क्षेत्र में सुरक्षा और मानसून सत्र का हवाला देते हुए मार्च की अनुमति नहीं दी है. इसके बावजूद आंदोलनकारी जंतर-मंतर से शांतिपूर्ण तरीके से आगे बढ़ने की बात कह रहे हैं. हजारों की संख्या में वहां लोग मौजूद हैं.
सरकार की ओर से कौन मिलने जा सकता है?
आंदोलन से जुड़े सूत्रों और वांगचुक की पत्नी के अनुसार, सरकार की ओर से राजनीतिक स्तर पर बातचीत की कोशिश चल रही है. प्रस्ताव यह है कि संसद सत्र शुरू होने के बाद विभिन्न दलों के सांसद या प्रतिनिधिमंडल सफदरजंग अस्पताल पहुंचकर वांगचुक से मुलाकात करें और शिक्षा सुधार का मुद्दा संसद में उठाने का भरोसा दें. इसी संभावना के आधार पर अनशन समाप्त होने की चर्चा तेज हुई है. हालांकि खबर लिखे जाने तक केंद्र सरकार ने किसी एक मंत्री या आधिकारिक प्रतिनिधि का नाम सार्वजनिक रूप से घोषित नहीं किया है.