Textile Industries Budget 2026: टूट जाएगी बांग्लादेश की रीढ़! कपड़ा इंडस्ट्रीज का हब बनेगा भारत, वित्त मंत्री ने किया ऐलान

Textile Industries Budget 2026: केंद्रीय बजट में भारत ने कपड़ा इंडस्ट्री को बूस्ट करने का ऐलान किया है. अब पर्याप्त मात्रा में भारत में ही कपड़े तैयार किए जा सकेंगे.
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कपड़ा इंडस्ट्री का हब बनेगा भारत

Textile Industries Budget 2026: वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने आज मोदी सरकार का आम बजट पेश किया है. जिसमें कई बड़े और अहम ऐलान किए गए हैं. जिसका असर सिर्फ भारत ही नहीं बल्कि कई देशों पर पड़ेगा. इस बार के बजट में टेक्सटाइल इंडस्ट्रीज पर विशेष फोकस किया गया है. भारत ने यह ऐलान उस दौरान किया, जब बांग्लादेश का टेक्सटाइल सेक्टर संकट में है. वहां के स्पिनिंग मिल मालिकों ने आज यानी 1 फरवरी 2026 से हड़ताल की धमकी दी है. भारत से सस्ते ड्यूटी-फ्री यार्न के आयात से लोकल प्रोडक्शन पर दबाव है. बांग्लादेश को अब और झटका लग सकता है. क्योंकि भारत टेक्सटाइल इंडस्ट्री को बढ़ाकर आत्मनिर्भर बनने की दिशा में कदम उठा रहा है.

केंद्रीय बजट में भारत ने कपड़ा इंडस्ट्री को बूस्ट करने का ऐलान किया है. अब पर्याप्त मात्रा में भारत में ही कपड़े तैयार किए जा सकेंगे. बांग्लादेश रेडीमेड कपड़ों का दुनिया का दूसरा सबसे बड़ा निर्यातक है. साल 2024 में इसने करीब 52.9 बिलियन डॉलर का कपड़ा निर्यात किया. जबकि भारत इस मामले में छठें नंबर पर है. इसलिए सरकार का फोकस समावेश विकास, ग्रामीण विकास और एक्सपोर्ट प्रमोशन पर है. यह भारत के आर्थिक और सामाजिक एजेंडे पर खरा उतरेगा.

2030 तक 100 बिलियन डॉलर निर्यात का लक्ष्य

  • बांग्लादेश की कपड़ा इंडस्ट्रीज भारत की घरेलू इंडस्ट्रीज के लिए काफी चुनौतीपूर्ण रही है. बांग्लादेश में यूनुस सरकार से पहले जो सरकार थी, वह भारत के समर्थन में थी, लेकिन यूनुस सरकार ने भारत के साथ रिश्ते को बरकरार नहीं रखा है.
  • ऐसे में भारत में मेगा टेक्सटाइल्स पार्क स्थापित करने का ऐलान भी बांग्लादेश की कपड़ा इंडस्ट्री पर तगड़ा असर डाल सकती है. भारत सरकार का लक्ष्य 2030 तक 100 बिलियन डॉलर के निर्यात को पार करना है.

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कपड़ा इंडस्ट्री में ग्लोबल हब बनाने की तैयारी

भारत ने 2024 में करीब 37.7 बिलियन डॉलर का निर्यात किया था, जो बांग्लादेश से काफी कम है. भारत की अपेक्षा बांग्लादेश कपड़ा इंडस्ट्री में काफी आगे है. वाणिज्य मंत्री पीयूष गोयल ने टेक्सटाइल एक्सपोर्ट पर पूरा फोकस रखते हुए प्रस्ताव रखा था, जो बजट में पेश कर दिया गया. अब जल्द ही भारत की कपड़ा इंडस्ट्री बांग्लादेश को पछाड़ आगे निकलने में कामयाब होगी. इससे काफी लोगों को रोजगार भी मिलेगा. भारत को कपड़ा इंडस्ट्री में ग्लोबल हब बनाने की तैयारी सरकार ने शुरू कर दी है. इसके अलावा बजट में खादी, हथकरघा और हस्तशिल्प को मजबूत करने के लिए महात्मा गांधी ग्राम स्वराज पहल शुरू करने का ऐलान किया गया है.

बांग्लादेश से कैसे आगे निकलेगा भारत?

वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने भारत को टेक्सटाइल इंडस्ट्री में आगे बढ़ाने के लिए कई महत्वपूर्ण घोषणाएं की है.

  • राष्ट्रीय फाइबर योजना: सरकार राष्ट्रीय फाइबर योजना ला रही है, जिसके अनुसार रेशम, ऊन और जूट जैसे प्राकृतिक फाइबर, नए जमाने के फाइबर और मानव निर्मित फाइबर में आत्मनिर्भरता बढ़ाई जाएगी.
  • टेक्सटाइल विस्तार और रोजगार योजना: टेक्सटाइल विस्तार और रोजगार योजना के तहत टेक्नोलॉजी अपग्रेडेशन, कॉमन टेस्टिंग, मशीनरी के लिए पूंजी सहायता और सर्टिफिकेशन केंद्रों के साथ पारंपरिक क्लस्टर्स को आधुनिक बनाया जाएगा.
  • Tex इको पहल: कपड़ों को बढ़ावा देने, टिकाऊ टेक्सटाइल और विश्व स्तर पर प्रतिस्पर्धा को बढ़ावा देने के लिए Tex इको पहल की शुरुआत की जाएगी.
  • राष्ट्रीय हथकरघा और हस्तशिल्प कार्यक्रम: बुनकरों और कारीगरों के लिए टारगेटेड समर्थन सुनिश्चित करने के लिए राष्ट्रीय हथकरघा और हस्तशिल्प कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे.
  • समर्थ 2.0: टेक्सटाइल स्किलिंग इकोसिस्टम को अपग्रेड करने और आधुनिक बनाने के लिए समर्थ 2.0 का शुभारंभ किया जाएगा. उद्योग और शैक्षणिक संस्थानों के सहयोग से खासकर टेक्निकल टेक्स टाइल्स और सस्टेनेबल प्रैक्टिसेज के लिए तैयार किया जाएगा.

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