UGC New Rules पर रोक लगाते हुए सुप्रीम कोर्ट ने क्यों किया अमेरिका के स्कूलों का जिक्र?

यूजीसी के नए नियमों को लेकर हुई सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट ने तीखी टिप्पणी की है. कोर्ट ने कहा, 'हमको उस स्टेज में नहीं जाना है, जहां हमारे पास अलग-अलग स्कूल हों, जैसा कि अमेरिका में गोरे बच्चे अलग स्कूल में जाते हैं.'
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SC on UGC New Rules: यूजीसी के नए नियमों को लेकर सुप्रीम कोर्ट ने स्टे लगा दिया है. कोर्ट ने तीखी टिप्पणी करते हुए आदेश दिया है कि जब तक सुनवाई चल रही है, तब तक 2012 के नियम ही लागू होंगे. साथ ही कोर्ट ने टिप्पणी करते हुए कहा कि इस नए नियम का दुरुपयोग किया जा सकता है. मामले में सुनवाई की अगली तारीख 19 मई निर्धारित की गई.

‘अमेरिका में गोरे बच्चे अलग स्कूल में जाते हैं’

यूजीसी के नए नियमों को लेकर हुई सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट ने तीखी टिप्पणी की है. कोर्ट ने कहा, ‘आजादी के 75 साल बाद जातिकानों से भी हम मुक्त नहीं हो पा रहे हैं. ऐसे फैसले हमको पीछे लेकर जा रहे हैं. हमको उस स्टेज में नहीं जाना है, जहां हमारे पास अलग-अलग स्कूल हों, जैसा कि अमेरिका में गोरे बच्चे अलग स्कूल में जाते हैं.’

कोर्ट ने केंद्र को नोटिस जारी किया

मामले में सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र को नोटिस भी जारी किया है. कोर्ट ने माना है कि यूजीसी जाति संबंधी नियम अस्पष्ट हैं. कोर्ट ने कहा, ‘इन नए नियम का दुरुपयोग किया जा सकता है. नियमों की भाषा को पूरी तरह स्पष्ट करने की जरूरत है. देश की एकता शिक्षण संस्थानों में दिखनी चाहिए. अगर शिक्षण संस्थानों में भेदभाव का माहौल रहेगा. तो देश में हम माहौल को कैसे सही रख सकते हैं.’

नियम के सेक्शन 3 C को चुनौती दी

याचिकाकर्ता के वकील विष्णु शंकर जैन ने बताया कि उन्होंने सेक्शन 3C को चुनौती दी है. जैन ने बताया कि अधिसूचना में 3(c) में जनरल कैटगरी को बाहर रखकर SC, ST, OBC के खिलाफ जाति आधारित भेदभाव के रूप में परिभाषित किया गया है. ये परिभाषा ये 3c अनुच्छेद 14 के अनुरूप नहीं है. इस नए नियम में जातिगत भेदभाव की बात की गई है.

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