‘कानून का दुरुपयोग नहीं होगा…’, UGC नियम को लेकर बढ़ते विरोध पर बोले केंद्रीय मंत्री धर्मेंद्र प्रधान

UGC Controversy: यूजीसी नियम के बाद लोगों में काफी नाराजगी है, जो धीरे-धीरे खुलकर सबके सामने आ रही है. जहां एक ओर काफी संख्या में लोग विरोध कर रहे हैं तो वहीं कुछ लोग इसके समर्थन में उतर आए हैं.
UGC Controversy Dharmendra Pradhan

केंद्रीय मंत्री धर्मेंद्र प्रधान (File Photo)

UGC Controversy: विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (UGC) के नए नियम को लेकर देशभर विरोध शुरू हो गया है. सरकार के इस फैसले का समाज के कई वर्गों, नेताओं और अधिकारियों ने विरोध किया है. उत्तर प्रदेश में तो सत्ता पक्ष के ही कई नेताओं ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को इस्तीफा भी भेज दिया है. तो वहीं बरेली के सिटी मजिस्ट्रेट अलंकार अग्निहोत्री ने भी यूजीसी के विरोध में अपना इस्तीफा सौंप दिया. हालांकि उनके इस्तीफे के बाद सरकार ने निलंबित कर दिया है. जिसके बाद विरोध और बढ़ गया. अब सत्ता पक्ष के वरिष्ठ नेता और केंद्रीय मंत्री का भी इस मामले पर बयान आया है. जानिए उन्होंने क्या कहा?

UGC पर क्या बोले केंद्रीय मंत्री?

केंद्रीय मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने UGC के नए नियम पर बढ़ते विवाद को देखते हुए प्रतिक्रिया दी है. उन्होंने कहा कि किसी को भी गलत करने का अधिकार नहीं दिया जाएगा. राज्य सरकार के तरफ से जो भी होगा वो किया जाएगा. यह सब कुछ सुप्रीम कोर्ट की निगरानी में हुआ है. किसी के साथ कोई भेद भाव नहीं होगा. चाहे कोई भी हो, किसी के ऊपर अत्याचार या भेद भाव नहीं किया जायेगा.

सांसद चंद्रशेखर ने किया UGC का समर्थन

  • आजाद समाज पार्टी-कांशीराम के राष्ट्रीय अध्यक्ष और सांसद चन्द्र शेखर आजाद ने UGC का समर्थन करते हुए कहा, “SC-ST OBC होने का दर्द SC-ST OBC होकर ही समझा जा सकता है. गाइडलाइन SC-ST OBC के लोगों ने नहीं बनाई, समिति ने बनाई है. जिस प्रकार से लगातार उच्च शैक्षणिक संस्थाओं में इस तरह के अपराधों की संख्या बढ़ रही है उसके आधार पर बनाई है.
  • जो लोग विरोध कर रहे हैं उन्होंने शायद पढ़ा नहीं है क्योंकि उसमें आर्थिक रूप से कमजोर बच्चों के वर्गों को भी जोड़ा है, दिव्यांग जनों को भी जोड़ा है. केवल SC-ST नहीं है OBC को भी जोड़ा है. उसमें जब EWS के छात्रों को जोड़ दिया गया है तो उनको भी जोड़ दिया गया है तो सामान्य वर्ग को क्या दिक्कत है?”

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सामान्य वर्ग के छात्रों में नाराजगी

बता दें, नए यूजीसी नियम के बाद लोगों में काफी नाराजगी है, जो धीरे-धीरे खुलकर सबके सामने आ रही है. जहां एक ओर काफी संख्या में लोग विरोध कर रहे हैं तो वहीं कुछ लोग इसके समर्थन में उतर आए हैं. सामान्य वर्ग के लोगों का कहना है कि यह नियम भेदभाव पैदा कर सकता है, इसलिए इसे वापस लिया जाए. क्योंकि इस नियम की वजह से कई निर्दोष छात्रों का भविष्य चौपट हो सकता है.

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