‘हम समझौते के बहुत करीब…’, ट्रेड डील पर जयशंकर से मुलाकात के बाद बोले US के विदेश मंत्री
एस जयशंकर से अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रूबियो ने की मुलाकात
India-US Relations: मुंबई में आज अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रूबियो और भारतीय विदेश मंत्री एस. जयशंकर की मुलाकात हुई है. इस दौरान दोनों देशों के बीच प्रस्तावित ट्रे़ड डील पर चर्चा हुई. मुलाकात के बाद संकेत मिले हैं कि जल्द ही दोनों देशों के बीच ट्रेड डील फाइनल हो जाएगी. इस दौरान अमेरिकी राजदूत सर्जियो गोर और विदेश सचिव विक्रम मिस्री भी मौजूद रहे.
अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने कहा कि सबसे पहले, मैं यह बताना चाहूंगा कि भारत के विदेश मंत्री इस साल चार बार अमेरिका जा चुके हैं. यह दुनिया का सबसे अधिक आबादी वाला देश है. यह दुनिया का सबसे बड़ा लोकतंत्र है. यह अमेरिका का एक महत्वपूर्ण व्यापारिक और व्यावसायिक साझेदार है. हम रक्षा के क्षेत्र में भी काफी सहयोग करते हैं.
#WATCH | Mumbai, Maharashtra: On his India visit, US Secretary of State Marco Rubio says, "… As far as the trade agreement is concerned, the State Department doesn’t negotiate trade agreements, but we are very much involved in what’s happening. My counterpart, the National Security Advisor, and I care a lot about it. We’re very, very close. I would say we’re about as close as you can be without having executed the agreement. I think there’s a small number of items left to wrap up, so I think that will happen shortly. We’re hoping, which it should, and hopefully have some good news to announce soon and sign it thereafter. So, we’re very optimistic that we will have something in place here very soon."
— ANI (@ANI) October 20, 2026
ट्रेड डील को लेकर क्या बोले मंत्री रूबियो?
रुबियो ने आगे कहा कि जहां तक व्यापार समझौते की बात है, विदेश विभाग व्यापार समझौतों पर बातचीत नहीं करता है, लेकिन जो कुछ भी हो रहा है, उसमें हम पूरी तरह शामिल हैं. मेरे समकक्ष, राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार और मैं, इस मामले को लेकर बहुत गंभीर हैं. हम समझौते के बहुत करीब पहुंच चुके हैं. मैं कहूंगा कि बिना समझौता लागू किए, हम जितना करीब हो सकते हैं, उतने करीब हैं. मुझे लगता है कि बस कुछ ही चीजें तय होनी बाकी हैं, इसलिए मुझे उम्मीद है कि यह जल्द ही हो जाएगा. हमें पूरी उम्मीद है कि जल्द ही कोई अच्छी खबर सामने आएगी और उसके बाद समझौते पर हस्ताक्षर हो जाएंगे. इसलिए, हम बहुत आशावादी हैं कि बहुत जल्द ही यहां कुछ ठोस परिणाम देखने को मिलेगा.
रूसी तेल खरीदी को लेकर क्या बोले?
भारत द्वारा रूसी तेल खरीदने को लेकर उन्होंने कहा कि मुझे लगता है कि भारत ने बार-बार यह इच्छा जताई है कि वह अपने ऊर्जा पोर्टफोलियो में विविधता लाना चाहता है, जो कि एक समझदारी भरा कदम है. ऐसा रातों-रात कर पाना आसान नहीं होता. मुझे लगता है कि उन्होंने इस दिशा में काफी अच्छी प्रगति की है, और यह देखकर हमें खुशी है. लेकिन असल में, बात सिर्फ रूसी तेल की नहीं है, बल्कि भारत की विविधता लाने की इच्छा की है, और हमें लगता है कि हम भी उनकी ऊर्जा जरूरतों को पूरा करने का एक स्रोत बन सकते हैं. हमने वेनेजुएला और अन्य देशों के बारे में भी चर्चा की है, और मुझे लगता है कि हमारे हित में यही है कि हमारे ऐसे मजबूत सहयोगी हों, जिनके पास विविध ऊर्जा पोर्टफोलियो हों.
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भारत को बताया रिफाइनिंग महाशक्ति
अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने कहा, भारत रिफाइनिंग के मामले में एक महाशक्ति है. उनके पास भारी कच्चे तेल को रिफाइन करने की क्षमता है. उन्होंने पहले भी ऐसा किया है, और मुझे लगता है कि जैसे-जैसे वेनेजुएला से और अधिक तेल उपलब्ध होगा, भारत ऐसा कर सकता है. इसके अलावा, वेनेजुएला में भारत के पास पहले से ही तेल रियायतें मौजूद हैं, जिनसे वे खुद और अधिक उत्पादन कर सकते हैं.