“औरंगजेब पर विवाद बेकार, जिनकी श्रद्धा है…”, RSS नेता Bhaiyyaji Joshi का बड़ा बयान, बोले- छत्रपति शिवाजी ने बनवाई थी अफजल खान की कब्र

राज ठाकरे ने सवाल किया कि क्या आपको विक्की कौशल की वजह से संभाजी महाराज के बलिदान और अक्षय खन्ना की वजह से औरंगजेब के बारे में पता चला? ठाकरे ने लोगों से उकसावे में नहीं आने और विचलित नहीं होने की अपील की. उन्होंने कहा कि शिवाजी से पहले और उनके बाद के समय में सामाजिक-राजनीतिक स्थितियां बहुत अलग थीं. लेकिन आज औरंगजेब के चक्कर में हम मौजूदा समय के वास्तविक मुद्दों को भूल गए हैं.
Bhayaji Joshi

RSS के नेता भैयाजी जोशी

Bhaiyyaji joshi On Aurangzeb Controversy: जब से छावा फिल्म आई है, सोशल मीडिया और न्यूज़ फीड्स में इतिहास की धूल उड़ रही है. इस बार मामला मुगल बादशाह औरंगजेब की कब्र का है, जिसे कुछ दक्षिणपंथी संगठन हटाने की मांग कर रहे हैं. लेकिन अब बहस ने नया रंग ले लिया है. राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) के वरिष्ठ नेता सुरेश ‘भैयाजी’ जोशी ने इस मुद्दे को ‘बेवजह का ड्रामा’ करार दिया है.

भैयाजी’ जोशी ने कहा कि जिनकी श्रद्धा है वो कब्र पर जाएंगे, जिनकी नहीं है वो नहीं जाएंगे. दूसरी ओर, महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना के बॉस राज ठाकरे ने इसे इतिहास का ‘व्हाट्सएप वर्जन’ बताकर ट्रोल कर दिया. उन्होंने कहा कि इतिहास को जाति और धर्म के चश्मे से नहीं देखा जाना चाहिए. तो आखिर ये पूरा माजरा क्या है? चलिए विस्तार से जानते हैं.

भैयाजी जोशी ने क्या-क्या कहा?

भैयाजी जोशी ने नागपुर में एक इवेंट के दौरान इस विवाद पर खुलकर अपनी बात रखी. उन्होंने कहा कि औरंगजेब की मौत यहीं हुई थी, तो कब्र भी यहीं बननी थी. इसमें हाइप करने की क्या जरूरत? हालांकि, अब इस डिबेट में छत्रपति शिवाजी महाराज का नाम भी ट्रेंड कर रहा है. भैयाजी जोशी ने एक थ्रोबैक स्टोरी शेयर की कि बीजापुर के सेनापति अफजल खान की कब्र को खुद शिवाजी ने बनवाया था. प्रतापगढ़ किले के पास दफनाए गए अफजल खान की कब्र को शिवाजी की मंजूरी मिली थी, जो भारत की ‘इंक्लूसिविटी’ का लाइव एग्जाम्पल है.

राज ठाकरे का ‘व्हाट्सएप इतिहास’ पर अटैक

मनसे चीफ राज ठाकरे ने मुंबई में गुड़ी पड़वा रैली में इस मुद्दे पर तगड़ा स्टैंड लिया. उन्होंने कहा कि लोग व्हाट्सएप फॉरवर्ड्स से इतिहास पढ़कर ‘फाइट मोड’ में आ रहे हैं. उन्होंने कहा कि हमें पानी और पेड़ों की चिंता नहीं, कब्र की चिंता है?” ठाकरे ने चेतावनी दी कि इतिहास को मजहब या जाति के फिल्टर से देखना बंद करो, वरना पॉलिटीशियन्स इसे भुनाते रहेंगे.

राज ठाकरे ने सवाल किया कि क्या आपको विक्की कौशल की वजह से संभाजी महाराज के बलिदान और अक्षय खन्ना की वजह से औरंगजेब के बारे में पता चला? ठाकरे ने लोगों से उकसावे में नहीं आने और विचलित नहीं होने की अपील की. उन्होंने कहा कि शिवाजी से पहले और उनके बाद के समय में सामाजिक-राजनीतिक स्थितियां बहुत अलग थीं. लेकिन आज औरंगजेब के चक्कर में हम मौजूदा समय के वास्तविक मुद्दों को भूल गए हैं. बता दें कि पिछले दिनों नागपुर में इस मुद्दे पर हिंसा भी भड़की, जिसने बहस को और हाइलाइट किया. सोशल मीडिया पर भी लोग अब दो गुटों में बंटे नजर आ रहे हैं.

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औरंगजेब की कब्र पर बवाल क्यों?

इतिहास वाला औरंगजेब एक विवादित शासक है, जिसे हिंदू मंदिरों को तोड़ने और कठोर इस्लामी नीतियों को लालू करने के लिए जाना जाता है. औरंगजेब की कब्र को हटाने की मांग समय-समय पर उभरती रही है, लेकिन अब यह फिर से सुर्खियों में है.

इसके पीछे का कारण औरंगजेब का ऐतिहासिक किरदार है. उसने 17वीं सदी में मुगल साम्राज्य पर शासन किया और मराठों, खासकर छत्रपति शिवाजी महाराज के खिलाफ लंबी लड़ाई लड़ी. मराठा इतिहास में शिवाजी को एक नायक माना जाता है, जबकि औरंगजेब को अक्सर खलनायक की तरह देखा जाता है. इस बीच छावा फिल्म ने इस कहानी को लोगों को दिलों में फिर से जिंदा कर दिया है.

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