रेप के दोषी पादरी Bajinder Singh को उम्रकैद की सजा, मोहाली कोर्ट का बड़ा फैसला
रेप के दोषी पादरी Bajinder Singh को उम्रकैद की सजा
पंजाब के स्वयंभू पादरी बजिंदर सिंह (Bajinder Singh) को मोहाली कोर्ट ने एक सनसनीखेज रेप मामले में उम्रकैद की सजा सुनाई है. बजिंदर सिंह को अब अपने जीवन का शेष हिस्सा जेल में बिताना होगा. इससे पहले 28 मार्च 2025 को हुई सुनवाई में कोर्ट ने सभी सबूतों और गवाहों के बयानों के आधार पर उन्हें बलात्कार के आरोप में दोषी करार दिया था.
क्या है पूरा मामला?
बजिंदर सिंह पर कई महिलाओं ने यौन शोषण के गंभीर आरोप लगाए थे. पीड़िताओं ने दावा किया था कि बजिंदर सिंह ने अपने प्रभाव और आध्यात्मिक शक्ति का दुरुपयोग करते हुए उनका शारीरिक शोषण किया. मामले की शिकायत दर्ज होने के बाद पुलिस ने जांच शुरू की, जिसके बाद उनके खिलाफ पर्याप्त सबूत जुटाए गए.
मोहाली पुलिस ने इस मामले में कड़ी कार्रवाई करते हुए बजिंदर सिंह को हिरासत में लिया था. जांच के दौरान कई पीड़िताओं ने कोर्ट में अपनी आपबीती सुनाई, जिसने इस मामले को और गंभीर बना दिया. अभियोजन पक्ष ने कोर्ट में पुख्ता सबूत पेश किए, जिसमें प्रत्यक्षदर्शियों के बयान और अन्य दस्तावेज शामिल थे.
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कोर्ट का फैसला
28 मार्च को हुई सुनवाई में कोर्ट ने बजिंदर सिंह को भारतीय दंड संहिता की धारा 376 बलात्कार के तहत दोषी ठहराया. इसके बाद सजा के ऐलान के लिए 1 अप्रैल की तारीख तय की गई थी. मंगलवार को कोर्ट ने अपना अंतिम फैसला सुनाते हुए कहा कि अपराध की गंभीरता को देखते हुए उम्रकैद की सजा उचित है. कोर्ट ने यह भी कहा कि यह फैसला समाज में एक सख्त संदेश देने के लिए लिया गया है, ताकि इस तरह के अपराध करने वालों में कानून का डर पैदा हो.
इस फैसले के बाद पीड़िताओं और उनके परिवारों ने राहत की सांस ली है. वहीं, बजिंदर सिंह के कुछ समर्थकों ने इस फैसले पर असंतोष जताया है और इसे साजिश करार दिया है. हालांकि, कोर्ट के सबूतों और गवाहों के बयानों ने इन दावों को खारिज कर दिया.
आगे की कार्रवाई
अभियोजन पक्ष के अनुसार, बजिंदर सिंह के खिलाफ अन्य मामलों की जांच भी चल रही है. माना जा रहा है कि आने वाले दिनों में उनके खिलाफ और भी शिकायतें सामने आ सकती हैं. पुलिस ने लोगों से अपील की है कि अगर कोई अन्य पीड़ित है, तो वह बिना डर के सामने आए और अपनी शिकायत दर्ज कराए.