संभल मस्जिद के स्ट्रक्चर में हुआ बदलाव, ASI रिपोर्ट के आधार पर हाई कोर्ट ने दिया दोबारा सर्वे का आदेश

ASI की रिपोर्ट के मुताबिक, जामा मस्जिद में कई बदलाव किए गए हैं, जिनमें प्रमुख बदलाव मस्जिद की फर्श के टाइल्स और पत्थरों में देखे गए हैं. इसके अलावा, मस्जिद के विभिन्न हिस्सों में सुनहरे, लाल, हरे और पीले रंग की मोटी तामचीनी पेंटिंग की गई है.
Sambhal Mosque Re-Survey

संभल मस्जिद

Sambhal Mosque Re-Survey: संभल जिले स्थित जामा मस्जिद के स्ट्रक्चर में किए गए कई बदलावों को लेकर बड़ी खबर सामने आई है. भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (ASI) की रिपोर्ट के अनुसार, मस्जिद के संरचनात्मक हिस्सों में कुछ महत्वपूर्ण बदलाव देखे गए हैं. ASI की इस रिपोर्ट को आधार बनाकर इलाहाबाद हाई कोर्ट ने मस्जिद के स्ट्रक्चर का एक और व्यापक सर्वे करवाने के आदेश दिए हैं.

3 सदस्यीय टीम का गठन

इलाहाबाद हाई कोर्ट ने मस्जिद के निरीक्षण के लिए तीन सदस्यीय एक विशेषज्ञ टीम का गठन किया है. यह टीम मस्जिद का विस्तृत सर्वे करेगी और कोर्ट को रिपोर्ट सौंपेगी. इस टीम के गठन और सर्वे के आदेश से यह साफ होता है कि कोर्ट मस्जिद के संरचनात्मक बदलावों को लेकर पूरी तरह से सतर्क है.

मस्जिद में क्या बदलाव किए गए?

ASI की रिपोर्ट के मुताबिक, जामा मस्जिद में कई बदलाव किए गए हैं, जिनमें प्रमुख बदलाव मस्जिद की फर्श के टाइल्स और पत्थरों में देखे गए हैं. इसके अलावा, मस्जिद के विभिन्न हिस्सों में सुनहरे, लाल, हरे और पीले रंग की मोटी तामचीनी पेंटिंग की गई है. ASI का कहना है कि इस पेंटिंग के माध्यम से मूल सतह को ढकने की कोशिश की गई है, जिससे मस्जिद के पुराने स्वरूप में बदलाव हुआ है.

मुस्लिम पक्ष की मांग खारिज

इस दौरान हाई कोर्ट ने मुस्लिम पक्ष की एक महत्वपूर्ण मांग को खारिज कर दिया. जामा मस्जिद कमेटी ने कोर्ट से यह मांग की थी कि रमजान से पहले मस्जिद की मरम्मत का काम किया जाए और उसमें पेंटिंग भी करवाई जाए. लेकिन ASI की रिपोर्ट में कहा गया कि फिलहाल ऐसी कोई मरम्मत की आवश्यकता नहीं है. कोर्ट ने इसी रिपोर्ट को आधार बनाते हुए मुस्लिम पक्ष की मांग को खारिज कर दिया.

सिर्फ सफाई की अनुमति

हालांकि, कोर्ट ने यह साफ किया कि मस्जिद में सफाई का काम किया जा सकता है. इसके लिए उच्च न्यायालय ने इजाजत दे दी है, लेकिन अन्य किसी प्रकार की मरम्मत या पेंटिंग के लिए फिलहाल अनुमति नहीं दी गई है.

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अगली सुनवाई का समय

अब सभी पक्षों को इस फैसले के बारे में अपनी बात मंगलवार तक रखने का समय दिया गया है, जिसके बाद अगली सुनवाई होगी. मुस्लिम पक्ष को अब और दलीलें पेश करने का मौका मिलेगा और कोर्ट इस मामले पर फिर से विचार करेगा.

संभल में हालात और प्रशासन की तैयारी

यह सुनवाई खास महत्व रखती है, क्योंकि पिछले साल नवंबर में संभल में भयंकर हिंसा हुई थी, जिसके बाद इलाके में तनाव की स्थिति बन गई थी. प्रशासन ने स्थिति को नियंत्रण में रखने के लिए अपनी पूरी ताकत झोंकी है और अब कोर्ट की सुनवाई भी इस तनावपूर्ण माहौल में हो रही है. संभल मस्जिद को लेकर हाई कोर्ट का यह फैसला और ASI की रिपोर्ट मामले की गहराई को दर्शाती है. अब इस मामले में आगे की कानूनी कार्यवाही और उच्च न्यायालय के अगले आदेश पर सबकी निगाहें हैं.

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