ऐसे ही नहीं Rekha Gupta को मिल गई CM की कुर्सी, समझिए BJP का ‘मास्टर प्लान’
दिल्ली की सीएम होंगी रेखा गुप्ता
आखिरकार वह घड़ी आ ही गई. दिल्ली बीजेपी ने दिल्ली विधानसभा चुनाव के बाद सस्पेंस को खत्म करते हुए रेखा गुप्ता को दिल्ली की अगली मुख्यमंत्री के रूप में चुन लिया है. 20 फरवरी को रेखा गुप्ता (Rekha Gupta) दिल्ली के मुख्यमंत्री के रूप में शपथ लेंगी, और इस महत्वपूर्ण फैसले के पीछे कई रणनीतिक कारण हैं जो बीजेपी ने ध्यान में रखे. तो आइए जानते हैं, बीजेपी ने रेखा गुप्ता को ही क्यों चुना?
महिला मुख्यमंत्री के जरिए बड़ा संदेश
पिछले दो दशकों में बीजेपी ने किसी राज्य में किसी महिला को सीएम नहीं बनाया था. ऐसे में 1998 के बाद बीजेपी ने एक महिला पर भरोसा जताया है. महिलाओं के प्रति पार्टी की प्रतिबद्धता और महिला सशक्तिकरण को बढ़ावा देने के तहत यह कदम उठाया गया है. बीजेपी के लिए महिला मुख्यमंत्री का चयन न केवल समाज के एक महत्वपूर्ण वर्ग को ध्यान में रखकर किया गया है, बल्कि यह पार्टी की आगामी योजनाओं के लिए भी एक मजबूत संदेश है. खास बात यह है कि बीजेपी ने कई राज्यों में महिला डिप्टी सीएम बनाए हैं, लेकिन पिछले दो दशकों में पार्टी ने किसी महिला को मुख्यमंत्री नहीं बनाया. अब रेखा दिल्ली की चौथी महिला सीएम होंगी.
संघ वाला कनेक्शन और तजुर्बा
रेखा गुप्ता का संघ से मजबूत कनेक्शन भी उनके मुख्यमंत्री बनने में एक अहम कारण था. संघ परिवार के साथ उनके अच्छे संबंध और राजनीति में उनके अनुभव ने पार्टी के भीतर उनके नाम को मजबूत किया. बीजेपी ने रेखा गुप्ता को शालीमार बाग सीट से जीत दिलाई, जहां उन्होंने आम आदमी पार्टी की उम्मीदवार वंदना कुमारी को हराया. यह चुनावी जीत रेखा गुप्ता के राजनीतिक कौशल और जमीनी स्तर पर उनकी पकड़ को दिखाई है.
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बीजेपी ने तैयार किया था ‘रोडमैप’
दिल्ली के सीएम के लिए चुने गए उम्मीदवार को एक रोडमैप तैयार करने का निर्देश भी दिया गया था, जिसमें 90 दिन की योजना बनाई गई थी. बीजेपी ने अपने संभावित मुख्यमंत्री और मंत्रियों से यह पूछा कि यदि उन्हें यह जिम्मेदारी दी जाती है, तो वे पहले 15 दिनों में क्या करेंगे, अगले 30 दिनों में क्या प्लान होगा, और इस तरह से 90 दिन तक की रणनीति तैयार करने को कहा था. रेखा गुप्ता ने इस चुनौती को स्वीकार किया और पार्टी के शीर्ष नेतृत्व को एक स्पष्ट और प्रभावी रोडमैप दिया.
मुख्यमंत्री की रेस में रेखा गुप्ता ने मारी बाजी
बीजेपी की सीएम रेस में कई नाम शामिल थे, जिनमें सतीश उपाध्याय, विजेंद्र गुप्ता, शिखा राय और प्रवेश वर्मा जैसे नेताओं के नाम चर्चा में थे. लेकिन अंत में रेखा गुप्ता ने इन सभी को पछाड़ते हुए बाजी मारी. 8 फरवरी को दिल्ली चुनाव के परिणाम आए थे, लेकिन रेखा गुप्ता के नाम पर मुहर बुधवार शाम को लगी.
रेखा गुप्ता ही क्यों?
दिल्ली में विधानसभा चुनावों के नतीजे आने के बाद बीजेपी ने 12 दिनों तक मुख्यमंत्री के नाम पर सस्पेंस बनाए रखा था. इस दौरान रेखा गुप्ता का नाम विभिन्न चर्चाओं का हिस्सा बना. सूत्रों की मानें तो चुनाव के नतीजे आने के तुरंत बाद बीजेपी के शीर्ष नेताओं ने रेखा गुप्ता के नाम पर सहमति बना ली थी. उनका महिला होना और संघ से जुड़ा होना उनके मुख्यमंत्री बनने के बड़े कारणों में से एक था. अब 20 फरवरी को रेखा गुप्ता दिल्ली की मुख्यमंत्री के रूप में शपथ लेंगी और दिल्ली की राजनीति में एक नया अध्याय शुरू होगा.
बीजेपी ने रेखा गुप्ता को दिल्ली की मुख्यमंत्री के रूप में चुनकर न केवल महिला सशक्तिकरण को बढ़ावा दिया है, बल्कि पार्टी की रणनीतिक सोच को भी दिखाया है.