नदी और जंगल का अनोखा संगम, भारत के इन पांच नेशनल पार्कों में मिलता है शानदार रिवर व्यू
नदी के नज़ारों वाले ये पांच नेशनल पार्क
Indian National Parks with River Views: देश भर में कई नेशनल पार्क हैं, जो अपनी विशेष पहचान के लिए जाने जाते हैं.यहां के हरे-भरे पेड़-पौधे, वन्यजीव और चहचहाती हुई चिड़ियों की आवाज़ मन को शांति और सुकून देती है. जब भी लोग अपने काम से फ्री होते हैं, तो वे परिवार, दोस्तों या रिश्तेदारों के साथ वाइल्डलाइफ का लुत्फ़ उठाने के लिए निकल पड़ते हैं. वहीं भारत में कई ऐसे नेशनल पार्क भी हैं जिनके पास से नदियां गुजरती हैं, जिनका नज़ारा किसी स्वर्ग से कम नहीं लगता. आइए जानते हैं कि आखिर वे कौन-से खूबसूरत नेशनल पार्क हैं.
पन्ना नेशनल पार्क
पन्ना नेशनल पार्क अपनी ऐतिहासिक पहचान और प्राकृतिक सुंदरता के लिए पूरी दुनिया में मशहूर है. खजुराहो से महज 31 किलोमीटर की दूरी पर स्थित यह पार्क केन नदी के किनारे बसा है. बाघों के संरक्षण के लिए पहचाने जाने वाले इस नेशनल पार्क में पर्यटकों को शानदार झरने भी देखने को मिलते हैं.

साल 1981 में वाइल्डलाइफ सेंचुरी के रूप में स्थापित यह पार्क लगभग 542 वर्ग किलोमीटर में फैला हुआ है. यहां बहने वाली केन नदी इसकी खूबसूरती में चार चंद लगा देती है. पौराणिक मान्यताओं के अनुसार, पांडवों ने अपने अज्ञातवास का एक बड़ा हिस्सा इन्हीं जंगलों में बिताया था.
कान्हा नेशनल पार्क
मध्य प्रदेश का कान्हा नेशनल पार्क अपने टाइगर रिजर्व और खूबसूरत बंजार नदी के लिए बहुत मशहूर है. यह नदी इस पार्क की ‘लाइफलाइन’ है, जो इसे दो हिस्सों में बांटती है और यहां के जानवरों के लिए पानी का मुख्य स्रोत है.

साल 1955 में नेशनल पार्क और 1973 में टाइगर रिजर्व बने इस पार्क का क्षेत्रफल 940 वर्ग किलोमीटर है.
पेरियार नेशनल पार्क
केरल के इडुक्की जिले में स्थित पेरियार नेशनल पार्क का नजारा बाकी राष्ट्रीय उद्यानों से काफी अलग है. पेरियार राष्ट्रीय उद्यान का कुल क्षेत्रफल 925 वर्ग किलोमीटर में फैला हुआ है. यह नेशनल पार्क हाथी और टाइगर जैसे वन्यजीवों के लिए जाना जाता है.

1982 में स्थापित इस राष्ट्रीय उद्यान के किनारे से पेरियार नदी बहती है और इसे इसी नदी के नाम पर यह नाम दिया गया है. नदी के अलावा, यहां एक खूबसूरत झील भी है जो पर्यटकों के लिए आकर्षण का सबसे बड़ा केंद्र है. \
रणथंभौर नेशनल पार्क
रणथंभौर नेशनल पार्क के पास बहने वाली बनास नदी यहां के सूखे इलाकों के लिए किसी वरदान से कम नहीं है, इसलिए इसे ‘जीवनरेखा’ और ‘वन की आशा’ भी कहते हैं. यह नदी राजसमंद की खमनोर पहाड़ियों से निकलकर सवाई माधोपुर के रामेश्वर घाट पर चंबल नदी में मिल जाती है.

जयपुर से मात्र 130 किमी दूर स्थित यह नेशनल पार्क अपने वन्यजीवों के लिए प्रसिद्ध है, जहां पर्यटक जिप्सी या कैंटर के जरिए रोमांचक सफारी का आनंद ले सकते हैं.
नागरहोल नेशनल पार्क
नागरहोल नेशनल पार्क कर्नाटक के मैसूर और कोडागु जिलों में स्थित है, जो काबिनी नदी के तट पर बसा एक खूबसूरत पर्यटन स्थल है. यहां आप जीप सफारी के साथ-साथ बोटिंग का भी आनंद ले सकते हैं.

यह पार्क विशेष रूप से अपने एशियाई हाथियों के लिए प्रसिद्ध है, जिन्हें नदी किनारे पानी पीते देखना एक यादगार अनुभव होता है.