क्या होता है जादू? देश-विदेश में पच्चीस हजार शो कर चुके ज्ञानेंद्र भार्गव ने बताया सच्चाई

Magician: जादूगर ज्ञानेंद्र भार्गव ने कहा कि जादू एक वैज्ञानिक कला भर नहीं है, यह एक साधन है जो करता है उसी से आती है. देश में अब जादूगरों की बाढ़ आ गई है. सड़क पर हर कोई जादू दिखा रहा है.
Magician Gyanendra Bhargava

जादूगर ज्ञानेंद्र भार्गव

Magician: आपने भी कभी मैजिक जिसे जादू कहते हैं, जरूर देखा होगा. हैरतअंगेज और रहस्यमयी करतब, जो लोगों को अचंभित कर दे, चीजों को गायब या प्रकट करना और दर्शकों को अपने नियंत्रण में लेना, जिसमें अक्सर आत्मविश्वास, शारीरिक भाषा कहा जाता है. ऐसे ही देश के एक बड़े जादूगर है ज्ञानेंद्र भार्गव, जिन्होंने देश-विदेश में करीब 25000 माया के शो किए हैं.

क्या है जादू की सच्चाई?

जादूगर ज्ञानेंद्र भार्गव ने बातचीत में बताया कि AI के दौर में मंच में दिखाने वाले जादू के लिए कुछ संघर्ष करना पड़ रहा है. कुछ लोग माया को गलत कामों में उपयोग करते हैं. जादूगर बनने के लिए कोई विश्वविद्यालय नहीं है, किसी जादूगर के पास जाकर ही शिक्षा लेना पड़ेगा. काला जादू में तांत्रिक विद्या का उपयोग होता है जो घातक है. उन्होंने कहा कि जादू एक वैज्ञानिक कला भर नहीं है, यह एक साधन है जो करता है उसी से आती है. देश में अब जादूगरों की बाढ़ आ गई है. सड़क पर हर कोई जादू दिखा रहा है.

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आगे उन्होंने बताया कि माया के शो में अब लोगों की भीड़ जो काम हो रही है, उसके लिए अपना सिस्टम चेंज कर रहे हैं. 1983 में 17 साल की उम्र में पहला जादू 1 रुपए के टिकट में दिखाया था. वहीं जादू के इंस्ट्रूमेंट अब बहुत महंगे हो गए हैं.

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