Banaskantha Blast: पटाखा फैक्ट्री में ब्लास्ट में एमपी के 21 मजदूरों की मौत, सीएम मोहन यादव ने किया आर्थिक सहायता का ऐलान
बनासकांठा पटाखा फैक्ट्री में ब्लास्ट में एमपी के 21 मजदूरों की मौत
Banaskantha Blast: मंगलवार यानी 1 अप्रैल में गुजरात के बनासकांठा जिले में पटाखा फैक्ट्री (Firecrackers Factory) के बॉयलर फटने से ब्लास्ट हो गया. इस हादसे में मध्य प्रदेश के 21 मजदूरों की मौत हो गई. हादसे में मृतक और घायल होने वाले मजदूर हरदा और देवास जिले से हैं. मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव (CM Mohan Yadav) ने आर्थिक सहायता का ऐलान किया है. इसके साथ ही कैबिनेट मंत्री नागर सिंह चौहान घटनास्थल का दौरा करेंगे.
मृतकों के परिजनों को 2-2 लाख रुपये की आर्थिक सहायता
सोशल मीडिया साइट एक्स पर पोस्ट करके सीएम डॉ. मोहन यादव ने हादसे में मृतक के परिजनों और घायलों के लिए आर्थिक सहायता का ऐलान किया है. सीएम ने पोस्ट में लिखा कि गुजरात के बनासकांठा स्थित पटाखा फैक्ट्री हादसे में मृतकों के परिजनों को 2-2 लाख रुपये तथा घायल श्रमिकों को 50-50 हजार रुपये की आर्थिक सहायता राशि प्रदान की जाएगी.
उन्होंने आगे लिखा कि हमारे कैबिनेट मंत्री नागर सिंह चौहान सहित पुलिस/प्रशासन के अधिकारियों को समन्वय हेतु दुर्घटना स्थल पर भेजा गया है. संकट की इस घड़ी में हमारी सरकार पीड़ितों के परिवारों के साथ खड़ी है और हरसंभव मदद के लिए प्रतिबद्ध है.
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गुजरात सरकार ने भी मृतकों के परिजन को 4-4 लाख रुपये और घायलों को 50-50 हजार रुपये की आर्थिक सहायता देने का ऐलान किया है. हरदा विधायक डॉ. आरके दोगने ने मृतकों के परिवार को विधायक निधि से 20-20 हजार रुपये देने की घोषणा की है.
पटाखा बेचने का लाइसेंस था, बनाने का नहीं
मीडिया रिपोर्ट के अनुसार जिस फैक्ट्री में ब्लास्ट हुआ उसके पास पटाखे बनाने का नहीं केवल बेचने का लाइसेंस था. गुजरात के बनासकांठा में दीपक ट्रेडर्स नाम की यह पटाखा फैक्ट्री खूबचंद सिंधी की है. बताया जा रहा है कि वह इस फैक्ट्री में विस्फोटक लाकर पटाखा बनवाते थे. पुलिस मामले की जांच में जुटी है.
विपक्ष ने साधा निशाना
विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने निशाना साधते हुए सोशल मीडिया साइट एक्स पर पोस्ट किया कि अब सवाल सरकार से है कि हर दिन रोजगार का गाना गाने वाली सरकार इतनी अक्षम हो चुकी है कि मजदूरों को भी मजदूरी के लिए पलायन करने की आवश्कता पड़ रही है. जिसमें उन्हें अपनी जान तक गंवानी पड़ रही है.
उन्होंने आगे लिखा कि इस मामले की उच्च स्तरीय जांच होनी चाहिए और लापरवाही के दोषियों को चिन्हित करके उन्हें सजा मिले.
एक ही परिवार के 11 लोगों की मौत
मध्य प्रदेश के हरदा जिले के एक ही परिवार के 11 लोगों की मौत हो गई. मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार गीताबाई ने बताया कि होली पर बेटे सत्यनारायण का निधन हो गया था. उसकी तेरहवीं करने के लिए पैसे नहीं थे. इसलिए पोते समेत परिवार के 11 लोग काम करने गुजरात गए थे.