MP में कांग्रेस IT सेल के 3 कार्यकर्ताओं को पुलिस ने हिरासत में लिया, वसुंधरा राजे के नाम पर फेक न्यूज फैलाने का आरोप
राजस्थान की पूर्व मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे(File Photo)
MP News: राजस्थान की पूर्व मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे का कथित सोशल मीडिया पोस्ट वायरल करने पर आईटी सेल के तीन कार्यकर्ताओं को राजस्थान पुलिस ने हिरासत में ले लिया है. बताया जा रहा है कि पुलिस तीनों कांग्रेस कार्यकर्ताओं को राजस्थान लेकर जाएगी. इस कार्रवाई के बाद सूबे की सियासत में घमासान मचा हुआ है. इस कार्रवाई को कांग्रेस ने गैर कानूनी बताया है. कांग्रेस सांसद विवेक तन्खा ने तो इस कार्रवाई के खिलाफ कोर्ट जाने की बात कही है.
बिना किसी कारण 30 घंटे से हिरासत में रखा
कांग्रेस आईटी सेल के जिन कार्यकर्ताओं को पुलिस ने हिरासत में लिया है, उनमें निखिल, बिलाल और इनाम का नाम शामिल है. इसको लेकर कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष और राज्यसभा सांसद विवेक तन्खा ने बीजेपी पर हमला बोला है.
विवेक तन्खा ने ट्वीटर पर मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव, डीजीपी और वसुंधरा राजे को टैग करते हुए पोस्ट में लिखा, ‘वसुंधरा राजे के जिस कथित ट्वीट को लाखों लोगों ने देखा और साझा किया. 15 अप्रैल से पोस्ट वायरल हो रही थी, लेकिन 18 अप्रैल को अचानक फर्जी बता दिया गया. इसके आधार पर कांग्रेस आईटी सेल के 3 कार्यकर्ताओं को हिरासत में लिया गया, जो कि पूरी तरह कानूनी रूप से गलत है. राजस्थान पुलिस के नाम से एमपी कांग्रेस के कार्यकर्ताओं को इस तरह से डिटेन करना आपत्तिजनक है. उन्हें छोड़ा नहीं गया तो जबलपुर हाई कोर्ट में इस कार्रवाई को चुनौती देंगे.’
पिछले २७ घंटों से MP साइबर पुलिस भोपाल ने @INCMP IT cell के ३ कार्यकर्ताओं को बिना किसी वाजिब कारण के हिरासत में रखा है। मुझे आश्चर्य और निराशा होती है एमपी पुलिस की इस हरकत से @CMMadhyaPradesh @DGP_MP. @VasundharaBJP ji की तथाकथित ट्वीट जो लाखो लोगो ने देखी है और शेयर की १/२
— Vivek Tankha (@VTankha) April 21, 2026
जीतू पटवारी बोले- ना डरेंगे, ना झुकेंगे
जीतू पटवारी ने इस कार्रवाई को लेकर कहा कि बीजेपी ने डर के कारण यह कार्रवाई की है. पटवारी ने कहा, ‘वसुंधरा राजे जी का पत्र मैंने ध्यान से पढ़ा है. यह पत्र महिला आरक्षण की आड़ में अवैध परिसीमन करने के संभावित षड्यंत्र की ओर गंभीर संकेत करता है. लेकिन इस पत्र को अपने सोशल मीडिया पर साझा करने के लिए तीन कांग्रेस कार्यकर्ताओं पर भाजपा सरकार द्वारा की गई FIR, भाजपा का डर और बौखलाहट दिखाती है. अगर FIR करनी है तो मुझ पर करो, हमारे कार्यकर्ताओं पर नहीं. इस समय मैं और पूरी पार्टी अपने कार्यकर्ताओं के साथ मजबूती से खड़े हैं. न डरेंगे, न झुकेंगे.’
वसुंधरा राजे जी का पत्र मैंने ध्यान से पढ़ा है। यह पत्र महिला आरक्षण की आड़ में अवैध परिसीमन करने के संभावित षड्यंत्र की ओर गंभीर संकेत करता है।
— Jitendra (Jitu) Patwari (@jitupatwari) April 21, 2026
लेकिन इस पत्र को अपने सोशल मीडिया पर साझा करने के लिए तीन कांग्रेस कार्यकर्ताओं पर भाजपा सरकार द्वारा की गई FIR, भाजपा का डर और… pic.twitter.com/MblJG7XqQh
कथित वायरल पत्र में महिला आरक्षण और परिसीमन को लेकर सवाल
दरअसल वसुंधरा राजे का जो कथित पत्र सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है, उसमें महिला आरक्षण और परिसीमन को लेकर सवाल उठाए गए हैं. इसमें कहा गया है कि एक तरफ महिला आरक्षण बिल लाया जा रहा है और दूसरी ओर परिसीमन की बात की जा रही है. जिसके कारण नीयत पर शंका हो रही है. अगर महिला को आरक्षण देना ही है तो सीधे आरक्षण दीजिए. परिसीमन की बात क्यों की जा रही है.
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