Bhopal: भाेपाल में मरीज को दी फंगस लगी दवा, प्रदेश में फिर उजागर हुई सरकारी अस्पतालों की लापरवाही
दवाई (सांकेतिक तस्वीर)
Bhopal News: भोपाल में स्वास्थ्य विभाग की लापरवाही का एक और मामला सामने आया है. जहरीले कफ सिरप और सतना एचआईवी मामले के बाद अब भोपाल में मरीज को फंगस लगी दवा दे दी गई. फंगस वाली दवा सरकारी अस्पतालों की व्यवस्थाओं की हकीकत बयां कर रही है और यह सवाल खड़े कर रही है कि आखिर मरीजों की जान से कैसे खिलवाड़ हो रहा है.
मरीज को दी फंगस वाली दवा
जेपी अस्पताल की ओपीडी में एक मरीज हड्डी रोग विशेषज्ञ को दिखाने पहुंचा था. मरीज ने बताया कि उसने काफी देर तक डॉक्टर का इंतजार किया, लेकिन डॉक्टर नहीं आए. इसके बाद इंटर्न डॉक्टर ने मरीज का इलाज किया. इंटर्न ने मरीज को फ्रैक्चर होने की बात कही. इसके बाद दर्द की दवा दी और एक्स-रे कराने के लिए लिखा. इसके बाद मरीज अस्पताल परिसर में ही बने मेडिकल स्टोर से दवा लेने पहुंचा, जहां मौजूद स्टाफ ने उसे दवा थमा दी. मरीज जब घर पहुंचा और दवा को ध्यान से देखा, तो दवाओं पर फंगस लगी हुई थी. पूरे मामले की शिकायत मरीज ने सीएमएचओ से की है.
मरीज ने CMHO से लिखित में की शिकायत
ओपीडी में पहुंचे मरीज सतीष सेन को पैर में चोट के कारण दर्द निवारक डिक्लोफेनाक टैबलेट स्टाफ की ओर से दी गई थी. दवा की स्ट्रिप पर एक्सपायरी डेट जून 2027 लिखी हुई है, लेकिन गोलियां पूरी तरह से फफूंद से भरी हुई थीं. राजधानी भोपाल के सरकारी अस्पतालों के ये हाल हैं, जहां मरीज को फफूंद लगी दवा दी जा रही है. मरीज ने कहा कि अगर वह जल्दबाजी में या बिना देखे फंगस वाली दवा खा लेता, तो क्या होता. ऐसी स्थिति में जिम्मेदारी किसकी होती.
CMHO ने कहा मामले की जांच होगी
सीएमएचओ मनीष शर्मा ने कहा कि यह दवा जेपी अस्पताल की नहीं है. हालांकि उन्होंने यह भी कहा कि मामले की जांच की जाएगी कि दवा अस्पताल की थी या नहीं. जो भी दोषी पाया जाएगा, उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी.
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