Baramati Plane Crash: बारामती प्लेन क्रैश में को-पायलट शांभवी पाठक की मौत, ग्वालियर से था कनेक्शन, न्यूजीलैंड से ट्रेनिंग ली थी
बारामती प्लेन क्रैश में को-पायलट शांभवी पाठक का निधन
Ajit Pawar Plane Crash: महाराष्ट्र के डिप्टी सीएम अजित पवार (Ajit Pawar) की बारामती में एक प्लेन क्रैश के दौरान मौत हो गई. अजित पवार जिस Learjet-45 में उड़ान भर रहे थे, उसकी को-पायलट कैप्टन शांभवी पाठक (Shambhavi Pathak) थीं.उनकी उम्र महज 25 साल थी. उन्होंने अपने बचपन का बड़ा हिस्सा ग्वालियर की एयरफोर्स कॉलोनी में बिताया. यहां एयरफोर्स नंबर-1 स्कूल में पढ़ाई की. बाद में उन्होंने मुंबई यूनिवर्सिटी से वैमानिकी तथा एविएशन में स्नातक किया. न्यूजीलैंड अंतरराष्ट्रीय पायलट अकादमी से प्रशिक्षण लिया. वे मध्य प्रदेश फ्लाइंग क्लब में सहायक उड़ान प्रशिक्षक भी थीं.
लंबी उड़ानों के लिए प्रशिक्षित की जा रही थीं
शांभवी पाठक के पास कमर्शियल पायलट लाइसेंस यानी सीपीएल के साथ ही फ्लाइट इस्ट्रक्टर रेंटिंग का ए(A) सर्टिफिकेट था. उन्होंने अपने करियर की शुरुआत मध्य प्रदेश फ्लाइंग क्लब के साथ की. इसके बाद उन्होंने वीएसआर (VSR) एविएशन के लिए Learjet जैसी बिजनेस उड़ाने लगीं. को-पायलट पाठक 2022 में कॉर्पोरेट चार्टर ऑपरेशंस का हिस्सा थीं . एविएशन इंडस्ट्री में शांभवी के सहयोगियों के मुताबिक उन्हें लंबी उड़ानों के लिए प्रशिक्षित किया जा रहा था.

‘पिछले साल अगस्त में आई थी ग्वालियर’
शांभवी की दादी मीरा पाठक ने विस्तार न्यूज से बात करते हुए बताया कि मेरे छोटे बेटे ने बताया कि महाराष्ट्र के बारामती में डिप्टी सीएम अजित पवार का प्लेन क्रैश हो गया है, उसे चीनी (शांभवी पाठक) फ्लाई करती है. आप भाई (शांभवी पाठक के पिता) से एक बार बात करो. जब मैंने फोन लगाया तो बिजी जा रहा है. फिर उसने दोबारा कॉल किया. वो रो रहा था, बोल रहा था कि उसका मोबाइल नहीं मिल रहा है.

उन्होंने आगे बताया कि पिछले साल अगस्त में शांभवी यहां (ग्वालियर) आई थी. वो मुंबई से किसी को लेकर आई थी, दतिया के लिए लेकिन वहां वेदर खराब होने के कारण उनका प्लेन ग्वालियर में ही रुक गया.
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सीएम के साथ शांभवी की तस्वीर
शांभवी की दादी ने ये भी बताया कि इससे पहले वो सीएम मोहन यादव को लेकर आई थी, तब भी एक दिन वह यहां रुकी थी. उसकी सीएम के साथ एक तस्वीर भी है. उन्होंने बताया कि उसका जन्म यहीं मुरार (ग्वालियर) में हुआ था. उसने यहां 7वीं-8वीं तक पढ़ाई की. बाद में वह अपने माता-पिता के साथ दिल्ली चली गई. माता-पिता दिल्ली के सफदरजंग एन्क्लेव में रहते हैं. उन्होंने बताया कि पहले मेरे हसबैंड, फिर विक्रम यानी शांभवी के पिता और शांभवी थी. अब कोई एविएशन इंडस्ट्री में नहीं है.

शांभवी ने दादी को मैसेज किया था
को-पायलट शांभवी पाठक ने दादी मीरा पाठक को मुंबई से बुधवार की सुबह 6:36 बजे व्हाट्सएप पर मैसेज किया था. उसमें लिखा था गुड मॉर्निंग दद्दा…इसके बाद शांभवी सीधा अपनी फ्लाइट पर पहुंच गईं और करीब 8 बजे के आसपास प्लेन क्रैश हो गया. ग्वालियर के बसंत विहार में शांभवी पाठक की दादी मीरा पाठक अकेली रहती हैं.