MP news: लोकल ऑडिट में बड़ा खुलासा, सप्लायरों को किया गया दोहरा भुगतान, मृतकों के नाम पर बांट दी संबल पेंशन
फाइल फोटो
Bhopal News: सरकार ग्राम पंचायतों को नियम, कायदे और भुगतान के संबंध में ट्रेनिंग दे, क्योंकि पंचायतें मनमाने काम करती हैं. यह सुझाव स्थानीय निधि संपरीक्षा ने पंचायतों की जांच में वित्तीय अनियमितताएं उजागर करते हुए दिया है. रिपोर्ट में बताया कि संबल योजना में मृतकों के नाम से सामाजिक सुरक्षा पेंशन की करोड़ों रुपए बांट दिए गए. सप्लायरों को दोबारा, अधिक भुगतान, कई पंचायतों में सामग्री का रेट से ज्यादा भुगतान करने के मामले आए हैं.
सामाजिक सुरक्षा पेंशन में लाखों रुपए की गड़बड़ियां पाई गई हैं
संचालक स्थानीय निधि परीक्षा ने वर्ष 2021 व 2022 में पंचायतों में संचालित योजनाओं और सामग्री खरीदी की पड़ताल की. इसमें पाया कि पंचायतों में क्रय नियमों, भुगतान संबंधी दस्तावेजों और उसके नियमों का पालन नहीं हो रहा है. सेंपल के तौर पर प्रदेश के 32 जनपद पंचायतों और 4,674 पंचायतों को शामिल किया था. जनपद पंचायत सेगांव में सामाजिक सुरक्षा पेंशन में लाखों रुपए की गड़बड़ियां पाई गई हैं. जांच में पाया कि हजारों पेंशनरों को जीवित होने के प्रमाण पत्र नहीं होने पर भी 50 लाख रुपए की पेंशन बांट दी गई. तामिया में मृत व्यक्तियों के नाम से पंजीयन करके 21 लाख रुपए का भुगतान किए जाने का मामला सामने आया है.
सेवा प्रदाता और सप्लायरों को दो बार भुगतान किया गया
विदिशा, तामिया, घोड़ाडोंगरी, पाली, नीमच, शाजापुर, गोटेगांव, राघौगढ़, करेरा, मंडला सहित 15 ब्लॉकों में एक ही काम पर दो-दो बार एक लाख से अधिक का भुगतान हो गया. अधिक भुगतान विदिशा में बैनर, फ्लैक्स, डीजल सहित अन्य व्यवस्थाओं के लिए 46 हजार की जगह पर एक लाख 56 हजार रुपए से अधिक का भुगतान हुआ. पाटन में टेलीकॉम को 2,493 रुपए की जगह पर 5,493 रुपए वीपी सोनी को भुगतान किया गया. चौरई में तुलसी ज्वेलर्स को 43 हजार से का अधिक भुगतान किया गया.
टैक्स वसूली में गड़बड़झाला
पंचायतें बाजारों से वसूली करती हैं, लेकिन इसके रसीद, बिल बुक का पता नहीं है। संपत्तिकर सहित अन्य करों से कितनी आय हुई और कितना खर्च हुआ, यह पंचायतों को भी पता नहीं है. संपरीक्षा द्वारा ऑडिट के दौरान इसकी जानकारी पंचायतों ने नहीं उपलब्ध कराई. पंचायतें किराया, जलाशय पट्टी की राशि, दुकान किराया सहित अन्य वसूली के मामले में हीलाहवाली कर रहा है. इससे 15 जनपद पंचायतों में ऑडिट के दौरान 14 करोड़ रुपए से अधिक राशि की वसूली बकाया है.