नए साल में भोपाल के वन विहार को बड़ी सौगात! असम से आएंगे गैंडे, अफ्रीका से जेब्रा-जिराफ लाने की तैयारी
भोपाल: वन विहार में असम से लाए जाएंगे गैंडे
Bhopal Van Vihar: नए साल में मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में स्थित वन विहार नेशनल पार्क को बड़ी सौगात मिलने वाली है. गैंडे, जेब्रा और जिराफ जैसे जानवरों का दीदार पर्यटक कर सकेंगे. असम से गैंडा का जोड़ा लाया जाएगा. वहीं, अफ्रीका से जेब्रा और जिराफ लाए जाएंगे.
बाघ के बदले गैंडा का जोड़ा मिलेगा
एमपी के प्राकृतिक वातावरण में गैंडे नहीं पाए जाते हैं. वन विहार राज्य का पहला चिड़ियाघर या वन क्षेत्र है, जहां टूरिस्ट और वाइल्ड लाइफ लवर्स गैंडों को करीब से देख सकेंगे. वन विहार मैनेजमेंट के मुताबिक का गैंडों को लाने की तैयारी पूरी कर ली गई है. दोनों गैंडों के बदले मध्य प्रदेश सरकार असम को तीन बाघ देगा. गुवाहाटी के असम स्टेट कम बॉटेनिकल गार्डन से गैंडे के जोड़े को लाया जाएगा.
वन विहार के डायरेक्टर विजय कुमार ने बताया कि गैंडे के जोड़े के लिए वन विहार में बाड़ा तैयार किया जा रहा है. उनके रहन-सहन, खाने और स्वास्थ्य से जुड़ी व्यवस्थाएं पहले ही की जा चुकी हैं.
बोत्सवाना से आएंगे जेब्रा और जिराफ
वन विहार में अफ्रीका महाद्वीप के बोत्सवाना देश से जेब्रा और जिराफ लाए जाएंगे. इसके लिए तेजी योजना पर काम जारी है. इससे वन विहार को अलग पहचान मिलेगी. दैनिक भास्कर की रिपोर्ट के अनुसार दोनों जानवर जुलाई से नवंबर के बीच आ सकते हैं. ये पहला मौका होगा जब विदेश से जानवर वन विहार लाए जाएंगे.
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1979 में मिला नेशनल पार्क का दर्जा
वन विहार एक विशाल चिड़ियाघर है. इसे साल 1979 में राष्ट्रीय उद्यान का दर्जा मिला. वन विहार नेशनल पार्क रामसर साइट बड़ा तालाब के पास स्थित है. ये फ्लोरा और फॉना दोनों तरीके से समृद्ध हैं. यहां 700 तरीके के अलग-अलग पेड़-पौधे पाए जाते हैं. यहां टाइगर, लॉयन, पैंथर्स, हायना, जैकाल, सांभर, हिरण, कृष्ण मृग, जंगली सुअर, घड़ियाल और मगरमच्छ जैसे जानवर हैं.