MP-UP के बीच 2000 मेगावाट बिजली खरीद को लेकर समझौता, 14 हजार करोड़ के निवेश की उम्मीद

MP News: मध्य प्रदेश और उत्तर प्रदेश ने बिजली संसाधनों के बेहतर प्रबंधन और विद्युत खरीद पर होने वाले खर्च को कम करने के लिए अहम समझौता किया है.
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सांकेतिक तस्‍वीर

MP News: मध्य प्रदेश और उत्तर प्रदेश ने बिजली संसाधनों के बेहतर प्रबंधन और विद्युत खरीद पर होने वाले खर्च को कम करने के लिए अहम समझौता किया है. लखनऊ में शुक्रवार को एमपी पावर मैनेजमेंट कंपनी लिमिटेड और यूपी पावर कॉर्पोरेशन लिमिटेड के बीच पूरक विद्युत खरीद और दीर्घकालिक फर्म पावर बैंकिंग व्यवस्था को लेकर सहमति बनी.

2000 मेगावाट पीक पावर की खरीद पर सहमति

समझौते के तहत दोनों राज्यों में 2000 मेगावाट पीक पावर क्षमता की प्रतिस्पर्धी प्रक्रिया के जरिए खरीद की जाएगी. अधिकारियों के मुताबिक, दोनों राज्यों की बिजली मांग अलग-अलग मौसम में बढ़ती है. मध्य प्रदेश में अक्टूबर से मार्च के बीच रबी सीजन के दौरान कृषि क्षेत्र में बिजली की खपत बढ़ जाती है.

गर्मी और खरीफ सीजन में यूपी में बढ़ती है मांग

उत्तर प्रदेश में इसके उलट मई से सितंबर के बीच गर्मी और खरीफ सीजन के चलते बिजली की जरूरत ज्यादा रहती है. ऐसे में एक राज्य में कम मांग के दौरान उपलब्ध अतिरिक्त बिजली को दूसरे राज्य की अधिक मांग के समय इस्तेमाल किया जा सकेगा. इससे बिजली उत्पादन और उपलब्ध संसाधनों का पूरे साल बेहतर उपयोग करने में मदद मिलेगी.

14 हजार करोड़ के निवेश की संभावना

समझौते के साथ बिजली और नवीकरणीय ऊर्जा क्षेत्र में करीब 14 हजार करोड़ रुपए के निवेश की संभावना भी जताई गई है. इससे नई विद्युत और ऊर्जा अधोसंरचना विकसित होने के साथ रोजगार के अवसर बढ़ सकते हैं. इसके अलावा स्वच्छ ऊर्जा क्षमता को विस्तार देने में भी मदद मिलने की उम्मीद है.

महंगी बिजली खरीद पर कम होगी निर्भरता

फर्म पावर बैंकिंग व्यवस्था के जरिए दोनों राज्य अपनी जरूरत के अनुसार अतिरिक्त बिजली का इस्तेमाल कर सकेंगे. इससे बिजली उत्पादन क्षमता के कम उपयोग की स्थिति घटेगी और महंगी अल्पकालिक बिजली खरीद पर निर्भरता कम हो सकती है. व्यवस्था से ग्रिड में लचीलापन बढ़ाने के साथ ऊर्जा सुरक्षा और बिजली आपूर्ति की विश्वसनीयता मजबूत होने की उम्मीद है. समझौता ज्ञापन पर एमपी पावर मैनेजमेंट कंपनी के मुख्य महाप्रबंधक जीएस खनूजा और उत्तर प्रदेश पावर कॉर्पोरेशन के निदेशक दीपक रैजादा ने हस्ताक्षर किए.

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